रद्द था पटाखा फैक्ट्री का लाइसेंस, अब हत्या का मुकदमा

 बुधवार, 5 सितंबर, 2012 को 19:40 IST तक के समाचार
फाइल

ज्यादातर पटाखे सिवकासी में ही बनते हैं (फाइल फोटो)

तमिलनाडु राज्य में सिवकासी कस्बे के पास एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद भीषण आग लग गई है और कई लोगों के मारे जाने की खबर है.

विरुधुनगर के पुलिस अधीक्षक नजमल होडा ने बीबीसी तमिल सेवा के पत्रकार तंगवेल के बताया कि शाम तक मृतकों की संख्या 34 तक पहुँच गई थी. बुधवार शाम तक आग पर काबू पा लिया गया था.

उनका कहना था कि इस फैक्ट्री का लाइसेंस एक दिन पहले ही रद्द कर दिया गया था और वहाँ आज काम किए जाने की कोई अनुमति नहीं थी. उन्होंने कहा कि फैक्ट्री के मालिक मुरुगेशन मुख्य अभियक्त हैं और उनके खिलाफ़ हत्या का मुकदमा चलेगा.

जब आग लगी तो 250 लोग मौजूद थे

विस्फोट मुदलीपट्टी की फैक्ट्री में हुआ जिसमें 40 कमरे थे और 250 से ज्यादा लोग काम कर रहे थे.

नजमल होडा ने बीबीसी संवाददाता शिल्पा कन्नन को बताया, "ये आग ओमशक्ति फैक्ट्री में लगी. इस घटना में आठ फायर टेंडर घटनास्थल पर गए लेकिन दमकल कर्मचारी फैक्ट्री के अंदर नहीं जा पा रहे थे. पटाखों में लगातार विस्फोट हो रहे थे."

आसपास के गाँवों के कई लोग जो मदद करने पहुँचे थे, उनमें से भी कई आग की चपेट में आ गए. घायलों को कई सरकारी अस्पतालों में ले जाया गया है.

सिवकासी भारत में पटाखे बनाने के लिए जाना जाता है. देश में इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर पटाखे यहीं बनते हैं.

आमतौर पर दीवाली से पहले पटाखों से होनेवाली दुर्घटनाओं में बढ़ोत्तरी होती है.

ये पहली बार नहीं है जब सिवकासी की किसी पटाखा फैक्ट्री में आग लगी हो. शिवकाशी के अलावा भी कई पटाखा फैक्ट्रियों में आग लगने और लोगों के मारे जाने की घटनाएँ हो चुकी हैं.

साल 2008 में राजस्थान के भरतपुर में पटाख़ा फ़ैक्टरी में धमाका हुआ था और कम से कम 26 लोग मारे गए थे.

2008 में ही उड़ीसा में भी पटाखा बनाने वाले एक कारखाने में धमाका हुआ था जिसमें कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी.

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