जनता राय लेकर ही बनेगी पार्टी: अन्ना हजारे

 शनिवार, 8 सितंबर, 2012 को 21:34 IST तक के समाचार
अन्ना हजारे

अन्ना हजारे ने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था को लेकर निराशा जताई है.

समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा है कि वो और उनकी टीम देश की जनता से पूछ कर ही राजनीतिक पार्टी बनाने का फैसला करेंगे.

टीम अन्ना के सदस्य रहे अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया और दिनेश वाघेला ने शनिवार को अन्ना हजारे के गांव रालेगान सिद्धि में जाकर उनसे मुलाकात की.

इस मुलाकात के बाद अन्ना ने मीडिया के साथ बातचीत में वही आशंकाएं जताईं, जो पिछले महीने जंतर-मंतर पर अपना अनशन खत्म करते हुई जाहिर की थीं.

"कोई भी राजनीतिक दल जनहित में लोकपाल कानून बनाने को तैयार नहीं है और यह तब तक संभव नहीं होगा जब तक संसद में अच्छे और जिम्मेदार लोग चुनकर नहीं जाते."

अन्ना हजारे

पहली आशंका राजनीतिक विकल्प में प्रत्याशियों के चयन को लेकर है.

जनता की राय

अन्ना इस बात के लिए पूरी तरह आश्वस्त होना चाहते हैं कि उनकी ओर से दिए गए राजनीतिक विकल्प में जो लोग शामिल हों, वे ईमानदार और चरित्रवान लोग हों. अन्ना ने अपने सहयोगियों से इस बात पर चर्चा की और कुछ सुझाव दिए.

अन्ना ने कहा है कि राजनीतिक दल बनाने का निर्णय वह जनता की राय जानने के बाद करेंगे. इसके लिए एसएमएस, वेबसाइट द्वारा सर्वे, मेल और चिठ्ठियों के अलावा घर-घर जाकर सर्वे कर जनता की राय जानी जाएगी.

उन्होंने कहा कि सर्वे से मिले परिणामों के आधार पर वह आगे की रणनीति तय करेंगे.

उन्होंने कहा कि अब उन्हें देश की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर अब कोई भरोसा नहीं रहा. “कोई भी राजनीतिक दल जनहित में लोकपाल कानून बनाने को तैयार नहीं है और यह तब तक संभव नहीं होगा जब तक संसद में अच्छे और जिम्मेदार लोग चुनकर नहीं जाते.”

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