सरकार झुकी, जलसत्याग्रहियों की मांग मानी

 सोमवार, 10 सितंबर, 2012 को 17:27 IST तक के समाचार

ये लोग पिछले 17 दिन से सत्याग्रह कर रहे थे

मध्यप्रदेश सरकार और जल सत्याग्रहियों के बीच ओमकारेशवर बांध को लेकर चला विवाद खत्म हो गया है.

राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदर्शनकारियों की ज्यादातर मांगें मान लिए जाने की घोषणा की है.

मध्यप्रदेश की सरकार ओमकारेशवर बांध में जल का स्तर घटाकर 189 मीटर करने को राज़ी हो गई है.

दरअसल खोगलगांव के लोग ओमकारेशवर बांध की वजह से जमा हुए पानी में खड़े होकर प्रदर्शन कर रहे थे.

इन लोगों को जलसत्याग्रह करते 17 दिन हो गए थे.

गांववालों का कहना था कि बांध के पानी का स्तर घटाया जाए क्योंकि उसके बढ़ने से उनके खेत और घर प्रभावित हो रहे थे और प्रभावितों का पुनर्वास किया जाए.

"'हमारी ये प्रमुख मांग थी कि ओमकारेशवर बांध के पानी का जलस्तर घटाया जाए और विस्थापितों का पुनर्वास ज़मीन के बदले ज़मीन देकर किया जाए.सरकार ने घोषणा की है कि जलस्तर घटाया जाएगा और वो अब घटाया भी जा चुका है और सरकार ने ज़मीन के बदले ज़मीन देने की भी बात कही है.''"

आलोक अग्रवाल

नर्मदा बचाओं आंदोलन से जुड़े एक कार्यकर्ता आलोक अग्रवाल का कहना था, ''हमारी ये प्रमुख मांग थी कि ओमकारेशवर बांध का जलस्तर 189 मीटर तक घटाया जाए और विस्थापितों का पुनर्वास ज़मीन के बदले ज़मीन देकर किया जाए. सरकार ने घोषणा की है कि जलस्तर घटाया जाएगा और वो अब घटाया भी जा चुका है और सरकार ने ज़मीन के बदले ज़मीन देने की भी बात कही है.''

आठ हजार प्रभावत

आलोक अग्रवाल का कहना है कि जलस्तर के बढ़ाए जाने से 30 गांव के 8000 परिवार लोग प्रभावित हो रहे थे.

उनका कहना है जब गांव के लोग जल सत्याग्रह कर रहे थे तो सरकार के प्रतिनिधि बातचीत तो करने आई लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया.

520 मेगावॉट वाली ओमकारेशवर परियोजना नर्मदा नदी पर बनाए गए कई बांधों में से एक है.

ये नर्मदा पन बिजली विकास परियोजना, मध्यप्रदेश सरकार और एनएचपीसी लिमिटेड की एक साझा योजना है.

प्रदर्शनकारियों का कहना था बांध में जल स्तर बढ़ने से उनके घर और खेत डूब जाएंगे और इनका आरोप था कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार उन्हें मुआवज़ा भी नहीं दिया है.

आलोक अग्रवाल का कहना है सरकार ने कहा है कि तीन मंत्रियों की एक कमिटी बनाई है जो बाकी के पुनर्वास का काम देखेगी.

उनका कहना है कि ये जीत सत्याग्रह , लोगों के समर्थन और मीडिया सहयोग का नतीजा है.

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