कंधार विमान अपहरण में 'शामिल' चरमपंथी गिरफ़्तार

  • 13 सितंबर 2012
कंधार में अपहृत विमान
Image caption कंधार में खड़ा अपहृत भारतीय विमान आईसी-814

भारत प्रशासित कश्मीर में पुलिस का दावा है कि उसने 1999 में भारतीय विमान आईसी-814 के अपहरण और उसे कंधार ले जाने में मदद करने वालों में शामिल एक संदिग्ध चरमपंथी मेराजुद्दीन उर्फ़ जावेद अहमद को गिरफ़्तार किया है.

कश्मीर के दक्षिण-पूर्वी ज़िले किश्तवार के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने अपना नाम ज़ाहिर नहीं किए जाने की शर्त पर बताया कि पुलिस को जावेद की तलाश एक लंबे अर्से से थी.

पुलिस के अनुसार जावेद को पुख्ता ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर बुधवार की रात जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक अज्ञात स्थान से गिरफ़्तार किया गया है.

पुलिस अधिकारी के मुताबिक़ चरमपंथियों के भेष में कुछ पुलिस वालों ने जावेद से संपर्क साधा और उससे हथियार ख़रीदने की बात की, जिसके लिए वो तैयार हो गया.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जावेद नेपाल के रास्ते भारत में दाख़िल हुआ था और बुधवार को ही वो जम्मू पहुंचा था.

नेपाल से भारत में दाख़िल

पिछले कुछ दिनों में कश्मीर के कई चरमपंथी सरकार की पुनर्स्थापन नीति का लाभ उठाते हुए नेपाल के रास्ते भारत में दाख़िल हो रहे हैं.

ऐसा माना जा रहा है कि वो चरमपंथी गतिविधियों को अंजाम देने और संगठन के लिए नई भर्तियां करने के लिए भारत आया था.

पुलिस का कहना है कि जावेद राजधानी श्रीनगर से लगभग 50 किलोमीटर उत्तर की ओर बसे शहर सोपोर का रहने वाला है और वो 1992 में सीमा पार करके पाकिस्तान चला गया था.

ग़ौरतलब है कि 24 दिसम्बर, 1999 को पांच पाकिस्तानी चरमपंथियों ने एयर इंडिया के एक विमान आईसी-814 का अपहरण कर लिया था और उसे कंधार ले जाने से पहले अमृतसर, लाहौर और दुबई के तीन अलग-अलग हवाई अड्डों पर उतारने के लिए दबाव बनाया था.

विमान में उस समय 176 यात्री सवार थे. दुबई में अपहर्ताओं ने विमान में सवार रुपेन कात्याल नाम के एक यात्री की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी थी.

यात्रियों को आज़ाद करने के बदले अपहर्ताओं ने भारतीय जेलों में बंद तीन चरमपंथियों की रिहाई की मांग की थी.

भारत सरकार ने उनकी बात मान ली थी और तत्कालीन विदेश मंत्री जसवंत सिंह ख़ुद तीनों चरमपंथियों को साथ लेकर कंधार गए थे.

रिहा किए गए तीन चरमपंथियों में एक मसूद अज़हर भी थे जिन्होंने बाद में जैश-ए-मोहम्मद नाम का एक दूसरा संगठन बनाया था.

लगभग एक सप्ताह बाद अपहृत विमान सभी यात्रियों के साथ भारत लौटा था.

पुलिस के मुताबिक़ कंधार विमान अपहरण के अलावा कई दूसरे चरमपंथी कार्रावईयों में भी जावेद अहमद ने अहम भूमिका निभाई थी.

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