डॉ.सचान की मौत आत्महत्या: सीबीआई

  • 29 सितंबर 2012
डॉक्टर सचान
Image caption जेल में हुई डॉक्टर सचान की मौत से मायावती सरकार की बड़ी किरकरी हुई थी

केन्द्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने अदालत को बताया है कि पिछले साल लखनऊ जेल में परिवार कल्याण विभाग में उप-मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर वाईएस सचान की मौत आत्मह्त्या थी और जाँच में ह्त्या के सबूत नही मिले हैं.

सीबीआई ने डॉक्टर सचान की मौत के मामले में कथित लापरवाही के लिए कुछ जेल अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की भी सिफारिश की है.

लेकिन इस मामले की सीबीआई जाँच के लिए जनहित याचिका दाखिल करने वाले सच्चिदानंद गुप्ता ने कहा है कि वह सीबीआई की रिपोर्ट को अदालत में चुनौती देंगे.

गुप्ता का आरोप है कि सीबीआई मायावती सरकार के मंत्रियों और अफसरों को बचा रही है.

डॉक्टर सचान बहुचर्चित राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन घोटाले और सीएमओ डॉक्टर बीपी सिंह हत्याकांड में अभियुक्त थे. डॉक्टर सचान पिछले साल अप्रैल में पहले गबन के आरोप में गिरफ्तार किए गए थे. बाद में पुलिस ने उन पर सीएमओ डॉक्टर बीपी सिंह और डॉक्टर विनोद आर्य की ह्त्या के षड्यंत्र में शामिल होने का भी आरोप लगाया था.

पिछले साल 22 जून की शाम अचानक खबर आई कि डॉक्टर सचान ने जेल की पहली मंजिल में बने एक टॉयलेट में आत्महत्या कर ली है.

एक दिन बाद ही डॉक्टर सचान को अदालत में बयान देना था. चर्चाएं थीं कि वो ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन घोटाले और सीएमओ हत्याकांड मामले में अदालत में कुछ बड़े पर्दाफाश कर सकते थे.

हत्या या आत्महत्या

मायावती सरकार ने इसे आत्महत्या बताया. यह भी कहा गया था कि डॉक्टर सचान ने अपनी आत्मह्त्या के बारे के एक पत्र लिखा था. लेकिन जेल में हुई इस रहस्यमय मौत से मायावती सरकार की बड़ी किरकरी हुई थी.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत से पूर्व की चोटों का हवाला देते हुए डॉक्टर सचान के परिवार ने इसे ह्त्या करार दिया. काफी हीलाहवाली के बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा कायम किया.

बाद में एक जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी थी.

अब चौदह महीनों की जाँच पड़ताल के बाद सीबीआई ने अदालत को बताया है कि फोरेंसिक जाँच में डॉक्टर सचान की मौत आत्महत्या साबित हुई है और ह्त्या के सबूत नही मिले हैं.

समझा जाता है कि सीबीआई रिपोर्ट पर निर्णय लेने से पहले अदालत डॉक्टर सचान के परिवार और जनहित याचिका दाखिल करने वाले को अपनी बात कहने का अवसर देगी.

सीबीआई ने कहा कि उसके पास इस बात के मजबूत सुबूत हैं जिनसे पता चलता है कि पूर्व में दो मेडिकल अधिकारियों की मौत में उनकी भूमिका के खुलासे के बाद डॉक्टर सचान इतने दबाव में थे कि उन्होंने खाना लेना भी बंद कर दिया था.

सीबीआई ने कहा कि पहले डॉक्टर सचान ने आधे ब्लेड से खुद पर घाव किए लेकिन उन्हें आशंका थी कि अगर किसी ने उन्हें ऐसी हालत में देख लिया तो उन्हें अस्पताल ले जाया जाएगा.

सीबीआई के अनुसार खुद को जल्दी मारने के लिए डॉक्टर सचान ने फांसी लगा ली.

सीबीआई को डॉक्टर सचान की मौत के बाद एक नोट की फोटोकॉपी मिली थी जिसमें लिखा था, “मीडिया को मैं ये बताना चाहता हूँ कि मैं निर्दोष हूँ. मुझे जेल प्रशासन के अधिकारियों व बंदियों से तथा मेरे समस्त परिवार से कोई शिकायत नहीं है.”

सीबीआई के मुताबिक नोट पर लिखावट डॉक्टर सचान की थी.

सीबीआई के मुताबिक ऐसा लगता है कि डॉक्टर सचान ने मीडिया को पत्र लिखने के बाद आत्महत्या कर ली.

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