अविश्वास प्रस्ताव लाने को तैयार ममता

  • 1 अक्तूबर 2012
ममता बनर्जी और शरद यादव
Image caption ममता बनर्जी की रैली में शरद यादव के आने से नए गठजोड़ के संकेत

तृणमूल काँग्रेस की नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार के हाल के फैसले आम आदमी के खिलाफ़ हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों के हितों को बेच कर वॉलमार्ट के लिए काम कर रही है.

केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ़ राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर अपने भाषण में उन्होंने कहा कि सरकार के हाल के फैसले छोटे-बड़े दुकानदारों और किसानों से लेकर आम आदमी के खिलाफ़ हैं.

ममता ने कहा, ''सरकार देश को बेच रही है लेकिन वो यह नहीं जानती कि जो सरकार देश को बेचती है जनता उसे बेच देती है.''

उन्होंने कहा, ''हर चीज़ में एक लक्ष्मण रेखा होती है. सरकार ने लक्ष्मण रेखा पार कर ली है...लेकिन हम लड़ाई के लिए तैयार हैं...लड़ते लड़ते जिंदगी में कामयाबी मिलती है.''

ममता बनर्जी ने कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो वे अविश्वास प्रस्ताव भी लाने को तैयार हैं.

कई जगह होंगे प्रदर्शन

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आने वाले दिनों में दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन करेगी.

ममता बनर्जी की इस रैली में जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक शरद यादव भी मौजूद थे. इसे भी नए राजनीतिक गठजोड़ का संकेत माना जा रहा है.

शरद यादव ने ममता बनर्जी को 'बंगाल की शेरनी' बताया और कहा कि उनकी 'बगावत इतिहास में दर्ज' हो गई है.

मनमोहन सिंह की सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी खामोश नहीं बैठीं. उन्होंने कोलकाता में सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और अब इस लड़ाई को वो दिल्ली ले आई हैं.

तृणमूल काँग्रेस का जनाधार पश्चिम बंगाल में हैं लेकिन धरने से संकेत स्पष्ट हैं कि ममता बनर्जी अब हिंदी प्रदेशों में भी अपनी पार्टी का विस्तार करना चाहती हैं.

दिलचस्प बात ये है कि उनकी पार्टी के बांग्लाभाषी नेता को हिंदी भाषा सुधारने की कोशिश कर रहे हैं.

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