'अपमानजनक' बयान पर जायसवाल पर मुकदमा

  • 3 अक्तूबर 2012
श्रीप्रकाश जायसवाल
Image caption श्रीप्रकाश जायसवाल ने अपना बयान पर स्पष्टीकरण भी दिया है

केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल द्वारा एक कवि सम्मलेन में महिलाओं के खिलाफ कथित अपमानजनक टिपण्णी का मामला अब अदालत पहुँच गया है.

लक्ष्य नाम के एक स्वयंसेवी संगठन ने कानपुर की एक अदालत में मुकदमा दायर करके कहा है कि जायसवाल ने अपने बयान से महिलाओं का सामूहिक रूप से अपमान और मानहानि की है.

चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एनके पांडे ने मुकदमा दर्ज करके वादी अनीता दुआ को आठ अक्तूबर को अपना बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है.

जायसवाल ने पिछले दिनों कानपुर में एक कवि सम्मलेन के दौरान पाकिस्तान पर भारत की जीत का जश्न मनाने का आह्वान करते हुए कहा था, “नई-नई जीत और नई-नई शादी दोनों का अपना ही महत्व है. जैसे-जैसे वक्त बीतता है विजय पुरानी हो जाती है. ठीक उसी तरह जिस तरह वक्त के साथ पत्नियों का आकर्षण कम हो जाता है.”

हंगामा

इस बयान पर हंगामा होने पर मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने स्पष्टीकरण दिया था कि कवि सम्मलेन में उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है. उन्होंने अपने बयान के लिए माफी भी मांग ली.

लेकिन महिला संगठन उनको माफ़ करके को तैयार नहीं हैं.

वादी अनीता दुआ का कहना है कि मंत्री पर महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिपण्णी और अपमान का मुकदमा चलना चाहिए.

यह मुकदमा भारतीय दंड संहिता की धारा 294 और 500 के तहत किया गया है और सबूत के तौर पर अखबारों की कतरनें तथा वीडियो रिकार्डिंग भी अदालत में पेश की गई हैं.

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