हरियाणा में क्यों बढ़ीं बलात्कार की घटनाएँ?

हिसार
Image caption पिछले दिनों हिसार में बलात्कार के बाद लोगों को प्रदर्शन करना पड़ा ताकि पुलिस अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई करे.

पिछले एक महीने से भी कम समय में हरियाणा में 10 बलात्कार के मामले सामने आने से राज्य शर्मसार तो हुआ ही है लेकिन इन मामलों से सारा देश हक्का-बक्का रह गया है.

कुछ ही सप्ताह पहले यह राज्य कुछ अच्छे कारणों से सुर्खियों में था. यहां के पुरुष और महिलाओं ने लंदन में हुए ओलंपिक खेलों में देश का गौरव बढ़ाया था. खास तौर पर यहां के पहलवानों और निशानेबाज़ो ने.

लेकिन पिछले दिनों से राज्य में बलात्कार की घटनाएँ बढ़ी हैं. ज़ाहिर है कहीं न कहीं यहां की पुलिस राज्य में जुर्म रोकने में असमर्थ साबित हो रही है.

हालांकि हरियाणा के पुलिस महानिदेशक रंजीव सिंह दलाल मानते हैं कि ऐसा नहीं है कि राज्य में बहुत सारे बलात्कार हो रहे हैं. उन्होंने कहा, ''बलात्कार के कई कारण हैं जिसपर चर्चा के लिए आपको मुझे समय देना होगा.''

सामाजिक कारण

लेकिन राज्य की सामाजिक और आर्थिक हालातों के जानकार इस समस्या को कानून प्रबंधन की नाकामी के अलावा सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, आर्थिक और राजनीतिक कारणों से जोड़कर देख रहे हैं.

उनके मुताबिक यहां के युवक ऐसा काम उस हताशा की वजह से कर रहे हैं जो उन्हें शादी न कर पाने से हो रही है. वे इसका कारण इसमें भी देख रहे हैं कि यहां के लोग अपनी ज़मीन खोते जा रहे हैं जिसकी वजह से उनमें एक डर पैदा हो गया है.

हरियाणा में 1000 पुरुषों की तुलना में 830 महिलाएं है जो देश में सबसे कम है.

इसके कारण बहुत सारे पुरुष कुंवारे ही रह जाते हैं. ज़रा गौर कीजिए कि हरियाणा में 0-6 वर्ष की आयु के लड़के 18 लाख से अधिक हैं लेकिन लड़कियां 15 लाख से कम है. इस आयु में लड़कों की तुलना में लड़कियां 3.63 कम हैं.

हताशा है वजह

हरियाणा के ग्रामीण मामलों के विशेषज्ञ रनबीर सिंह का कहना है, ''पुरुषों की शादी हो नहीं रही. यही कारण है कि वो हताश हैं और बलात्कार जैसा कुकर्म कर रहे हैं.''

वे कहते हैं, ''दूसरा कारण उनकी पहचान का संकट है. जाटों की ज़मीने ख़त्म हो रही हैं. वो समझते हैं कि जल्द ही वो पिछड़े लोगों की श्रेणा में आ जाएंगे. इसलिए ऐसे काम कर के वो एक तरह से अपना अधिकार जता रहे हैं.''

उनका यह भी कहना है, ''दूसरी तरफ पहले कई जातियों के लोग जो पहले दब जाते थे और पुलिस को बताते नहीं थे अब ऐसा नहीं करते.''

'असली कारण'

हरियाणा पर किताब लिखने वाले और राज्य के बारे में अच्छी समझ रखने वाले प्रो. डीआर चौधरी का मानना है, ''इसके असली कारण सामाजिक हैं. ज़मीन बेचने की वजह से कुछ लोगों के पास बहुत पैसा आ गया है लेकिन उनके पास कोई काम नहीं है. वो ऐसे काम कर रहे हैं.''

वो कहते हैं, ''पहले एक बड़े बुज़ुर्गों का डर होता था जो अब खत्म हो गया है. वैसे भी हरियाणा एक पुरुष प्रधान सामाज है जहां वो महिलाओं की कोई आदर नहीं करते. इसके अलावा पुलिस का भी डर नहीं है.''

वे भी इस मामले का सीधा संबंध यहां के लिंग अनुपात से देखते हैं जिसकी वजह से युवकों की शादी नहीं हो पाती.

विशेषज्ञों का मानना है कि यहां से हालात खराब ही होते नज़र आ रहे हैं और इस तरह के मामले रोकने के लिए पुलिस से लेकर पंचायत और खाप पंचायत तक क़दम उठाने होंगे.

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