नरेंद्र मोदी मिले संघ प्रमुख मोहन भागवत से

नरेंद्र मोदी (फाइल पिक्चर )
Image caption मोदी ने बिहार के नेताओं को गुजरात चुनाव प्रचार में आने से मना कर दिया है.

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत से नागपुर में मुलाक़ात की.

इसके बाद मोदी संघ के दूसरे वरिष्ठ नेताओं से भी मिले हैं. बैठक के बाद मोदी ने केवल इतना कहा कि उनके बीच कोई भी राजनीतिक बातचीत नहीं हुई.

भारतीय जनता पार्टी ने भी इस मुलाक़ात को बहुत अहमियत नहीं देते हुए कहा है कि मोदी की संघ प्रमुख से मुलाक़ात एक 'रूटीन' मुलाक़ात थी जिसके बहुत अर्थ नहीं निकाले जाने चाहिए.

दोनों ने मुलाक़ात के बाद कोई आधिकारिक बयान तो नहीं दिया लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि इस बैठक में ख़ास तौर पर दिसंबर में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव के बारे में चर्चा हुई.

मोदी ने संघ प्रमुख से ऐसे समय में मुलाक़ात की है जब कुछ हफ़्तों बाद दिसंबर में गुजरात में विधान सभा चुनाव होने वाले हैं जिसमें मोदी चौथी बार राज्य के मुख्यमंत्री बनने के लिए जनता से समर्थन मांगेंगे.

वहीं दूसरी ओर ऐसा माना जा रहा है कि संघ प्रमुख और नरेंद्र मोदी के बीच इस पर भी चर्चा हुई है कि मोदी बिहार के नेताओं को गुजरात बुलाकर प्रचार करवाएं.

सूत्रों के मुताबिक़ संघ ने मोदी से साफ़ कह दिया है कि वे सबको एक साथ लेकर चलें.

बिहार भाजपा के नेता

गुजरात चुनाव के लिए भाजपा ने जो स्टार प्रचारकों की सूची चुनाव आयोग को दी है उनमें बिहार के भाजपा नेताओं के नाम नहीं शामिल थे. इसके अलावा भाजपा के मुस्लिम नेता उत्तर प्रदेश से आने वाले मुख़्तार अब्बास नक़वी का नाम भी प्रचारकों की लिस्ट में नहीं था.

Image caption संघ प्रमुख मोहन भागवत से मोदी की मुलाक़ात के कई अर्थ निकाले जा रहे हैं

इससे मीडिया में अटकलें लगाई जाने लगीं थी कि मोदी न तो बिहार से कोई नेता चाहते हैं और न ही भाजपा के मुस्लिम नेताओं को गुजरात में प्रचार के लिए बुलाना चाहते हैं.

उधर भाजपा से अलग होकर गुजरात परिवर्तन पार्टी बनाने वाले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल ने सूरत में मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी को संघ की याद तभी आती है जब चुनाव आते हैं. केशुभाई ने कहा कि मोदी के लिए परिस्थिति बेहद खराब हो गई है इसीलिए वो भागवत से मिलने गए.

बड़ी ज़िम्मेदारी?

लेकिन इन सबसे अलग नरेंद्र मोदी की संघ प्रमुख से मुलाक़ात को इसलिए भी अहम माना जा रहा है कि मोदी के कारण ही राज्य सभा में पहुंचने वाले सासंद राम जेठमलानी ने कुछ ही दिन पहले कहा था कि पार्टी को मोदी को अगले आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करना चाहिए.

मीडिया में आ रही ख़बरों के अनुसार मोदी अगर दिसंबर में विधान सभा चुनाव जीत जाते हैं तो पार्टी में उन्हें बड़ी ज़िम्मेदारी दी जा सकती है और पार्टी का एक धड़ा उन्हें अगले साल मार्च तक पार्टी का प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किए जाने की भी वकालत कर रहा है.

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