किंगफिशर के विमान फिर भरेंगे उड़ान?

 गुरुवार, 25 अक्तूबर, 2012 को 21:09 IST तक के समाचार
किंगफिशर कर्मचारी

किंगफिशर के कर्मचारियों को पिछले सात महीनों से वेतन नहीं दिया गया है

प्राइवेट एयरलाइन कंपनी किंगफिशर में पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद तात्कालिक रुप से खत्म होता दिख रहा है.

ये संकट किंगफिशर प्रबंधन द्वारा तालाबंदी के फैसले को वापस लेने और कर्मचारियों को दिसंबर तक उनके बकाया चार महीने की तनख्वाह़ वापस देने के फैसले के बाद हुआ है.

प्रबंधन के इस आश्वासन के बाद किंगफिशर के कर्मचारी फौरन काम पर लौटने के लिए तैयार हो गए हैं.

हालांकि इसके बावजूद किंगफिशर एयरलाइंस को अपनी उड़ान सेवा बहाल करने में कम से कम तीन से चार सप्ताह तक का समय लग जाएगा. जब तक कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय कंपनी की लाइसेंस दोबारा जारी नहीं कर देती.

डीजीसीए यानी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा उड़ान का लाइसेंस जारी कराने के लिए किंगफिशर एयरलाइंस को उनके सुरक्षा और आर्थिक मानकों को पूरा करना होगा.

ये फैसला किंगफिशर एयरलाइंस के प्रदर्शनकारी पायलटों, इंजीनियरों और प्रबंधन के अधिकारियों के बीच हुई कई स्तर की बैठक के बाद लिया गया.

समझौता

"हमें ये बताते हुए काफी खुशी हो रही है कि हमारे सभी कर्मचारी काम पर वापिस लौट आए हैं और हमारी सेवाओं के दोबारा शुरु किए जाने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं. अब हमारा अगला कदम नागरिक उड्डयन मंत्रालय को हमारी आगे की योजनाओं के बारे में बताना है ताकि हमें जल्द से जल्द उनकी सहमति मिल जाए"

प्रकाश मीरपूरी, उपमहाप्रबंधक, कॉरपोरेट कम्यूनिकेशंस

प्रबंधन ने बैठक के दौरान हड़ताली कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर मार्च महीने, 31 अक्तूबर तक अप्रैल महीने और कुछ बकाया रकम दीवाली से पहले और बाकी दिसंबर तक देने का वादा किया है.

किंगफिशर एयरलाइंस प्रबंधन के लिए परेशानियां तब और बढ़ गईं थी जब हड़ताली कर्माचारियों ने आगामी फॉर्मूला वन ग्रां प्री के दौरान विरोध-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी.

फार्मूला वन ग्रां प्री के प्रोमोशन में किंगफिशर के मालिक और प्रोमोटर विजय माल्या शामिल हैं.

कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच समझौता होने के साथ ही, विजय माल्या ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर कहा, ''किंगफिशर के सभी कर्मचारी अच्छे माहौल में काम पर वापस लौट आए हैं. हम पर विश्वास रखने के लिए मैं उन सभी धन्यवाद करता हूं.''

किंगफिशर एयरलाइंस के प्रवक्ता और कंपनी के कॉरपोरेट कम्यूनिकेशंस के उप-महाप्रबंधक प्रकाश मीरपूरी ने तालाबंदी वापस करने के फैसले की जानकारी मीडिया को दी.

बाद में उन्होंने एक वक्तव्य जारी किया जिसके मुताबिक, ''किंगफिशर प्रबंधन को ये बताते हुए काफी खुशी हो रही है कि हमारे सभी कर्मचारी काम पर वापस लौट आए हैं. सभी कर्मचारी हमारी सेवाओं के दोबारा शुरु किए जाने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं. अब हमारा अगला कदम नागरिक उड्डयन मंत्रालय को हमारी आगे की योजनाओं के बारे में बताना है ताकि हमें जल्द से जल्द उनकी सहमति मिल जाए.''

नए समझौते के तहत कंपनी प्रबंधन अपने कर्मचारियों को दिसंबर महीने तक सात में से चार महीने का बकाया वेतन देने को तैयार हो गया है.

एक इंजीनियर ने बताया कि बाकी के तीन महीनों का वेतन अगले साल मार्च महीने तक देने का वादा किया गया है जब कंपनी का दोबारा पूंजीकरण किया जाएगा.

किंगफिशर के सीईओ यानी मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय अग्रवाल के अनुसार कंपनी की फिर से पूंजीकरण की प्रक्रिया अगले पांच-छह महीनों में पूरा कर लिया जाएगा.

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