अब अमीरी 'जताने' पर पछताए विजय माल्या

  • 27 अक्तूबर 2012
विजय माल्या
Image caption विजय माल्या मोटर स्पोर्ट्स के बहुत बड़े फैन रहे हैं.

उद्योगपति और किंगफिशर एयरलांइस के मालिक विजय माल्या ने कहा है कि भारत में अमीरी छुपा कर रखने की चीज़ है.

विजय माल्या के अनुसार उन्होंने कड़वे अनुभवों के बाद इस बात को समझा है कि भारत में एक करोडपति नेता होना ज्यादा बेहतर है.

ग्रेटर नॉएडा में आयोजित की जा रही फॉरमूला वन रेस को देखने के लिए पहुंचे विजय माल्या किंगफिशर एयरलांइस के बारे में आ रही ख़बरों से भी खासे आहत लगे हैं.

विजय माल्या ने ट्वीट पर संदेश लिखा, "मैंने कड़वे अनुभव से इस बात को सीख लिया है कि भारत में पैसे को दर्शाना नहीं चाहिए. इस देश में खादी के भेस में एक करोड़पति नेता होना बेहतर है."

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ शुक्रवार को विजय माल्या ने ट्विटर पर लिखा था कि वो उपरवाले के शुक्रगुज़ार हैं कि 'उनका करोड़पति वाला दर्जा अब नहीं रहा और उन्हें उम्मीद है कि उसके बाद उनके ख़िलाफ ईर्षा और द्वेष कम हो सकेगा'.

'किंग ऑफ गुड टाईम्स' के नाम से जाने जाने वाले विजय माल्या की किंगफिशर एयरलांइस कंपनी पिछले कुछ समय से बुरे दौर से गुज़र रही है.

संकट के बादल

20 अक्टूबर को क़र्ज़ और हड़तालों से जूझ रही किंगफिशर एयरलाइंस का लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया था.

हालांकि किंगफिशर प्रबंधन ने अपने जवाब में कहा था कि डीजीसीए के कदम का ये मतलब नहीं है कि लाइसेंस को रद्द कर दिया गया है बल्कि लाइसेंस को अस्थायी तौर पर स्थगित किया गया है.

हालांकि इसके चार दिन बाद किंगफिशर में पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद तात्कालिक रुप से खत्म होता भी दिखा है.

ये संकट किंगफिशर प्रबंधन द्वारा तालाबंदी के फैसले को वापस लेने और कर्मचारियों को दिसंबर तक उनके बकाया चार महीने की तनख्वाह़ वापस देने के फैसले के बाद हुआ.

प्रबंधन के इस आश्वासन के बाद किंगफिशर के कर्मचारी फौरन काम पर लौटने के लिए तैयार हो गए हैं.

हालांकि इसके बावजूद किंगफिशर एयरलाइंस को अपनी उड़ान सेवा बहाल करने में कम से कम तीन से चार सप्ताह तक का समय लग जाएगा.

जब तक कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय कंपनी की लाइसेंस दोबारा जारी नहीं कर देती.

डीजीसीए यानी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा उड़ान का लाइसेंस जारी कराने के लिए किंगफिशर एयरलाइंस को उनके सुरक्षा और आर्थिक मानकों को पूरा करना होगा.

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