सैंडी तूफान में फंसा भारतीय बच्चों का दल

सैंडी का कहर
Image caption शहर में यातायात एकदम ठप्प पड़ा हुआ है

दिल्ली और शिमला से गई बच्चों की एक टीम भी अमरीका के चक्रवाती तूफान सैंडी की वजह से वहां फंस गई है.

31 बच्चों का यह दल दस दिन के शैक्षिक टूर पर नासा गया था लेकिन फिलहाल न्यूजर्सी में फंसा है.

न्यूजर्सी, न्यूयॉर्क, मैरीलैंड, पैंसिल्वानिया और कनेक्टिकट सहित अमरीका के 12 राज्य तूफ़ान की चपेट में आ गए हैं. तूफान के कारण मूसलाधार बारिश हो रही है, कई जगह बाढ़ जैसी स्थिति है, बिलली गुल है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

बच्चों की इस टीम के संचालक रोहित शेखर शर्मा ने फ़ोन पर बीबीसी को बताया कि सभी बच्चे और दल के बाकी लोग सुरक्षित हैं.

उन्होंने कहा, ''इसमें कोई शक नहीं कि बच्चे घबराए और डरे हुए हैं. लेकिन हमने पूरा इंतज़ाम कर रखा है.''

इंतज़ाम

उन्होंने कहा, ''क्योंकि यहां पर पहले से ही चेतावनी दी गई थी इसलिए हमने पहले से ही पानी और खाने का सामान खरीद लिया है. इसके अलावा हमने मोमबत्तियां भी जमा कर रखी हैं.''

उन्होंने बताया कि यह बच्चे दिल्ली के अहल्कॉन पब्लिक स्कूल और शिमला के ऑकलैंड पब्लिक स्कूल के हैं और इनमें पांचवीं से लेकर दसवीं कक्षा तक के छात्र हैं.

टूर का यह अंतिम चरण था और बुधवार को दल वापिस आने वाला था.

रोहित ने कहा, ''हमने सोमवार को काफी शॉपिंग की क्योंकि हम वापसी की तैयारी कर रहे थे. लेकिन फिलहाल सभी उड़ाने स्थगित कर दी गई हैं और अभी कुछ कह पाना मुश्किल है कि कब वापस जा पाएंगे.''

मस्ती और गाना

उन्होंने कहा, ''बच्चे अपने मां बाप को 'मिस' कर रहे हैं लेकिन हम लोग मज़ाक मस्ती कर के, नाच-गाने से खुद को खुश और व्यस्त रखने की कोशिश कर रहे हैं और अपना समय बिता रहे हैं.''

रोहित ने बताया कि वे लोग न्यूजर्सी के एक होटल में रुके हैं.

उन्होंने कहा, ''खिड़की से बाहर देखूं तो बाहर तेज़ हवाएं चल रही हैं. वैसे तो यह शहर रात दिन चलता रहता है लेकिन अब पूरी तरह से खाली है. दरअसल प्रशासन ने लोगों के बाहर निकलने या बाहर खड़े होने को लेकर लोगों को अगाह किया है. यहाँ आपातकाल घोषित किया गया है.''

रोहित ने बताया, ''यहां न तो लिफ्ट काम कर रही है न ही हम कुछ खाने पीने के लिए ऑर्डर कर सकते हैं. यहां के लोगों को बिजली के बिना रहने के आदत नहीं है इसलिए यहां जेनरेटर या इनवर्टर जैसी चीज़े उपलब्ध नहीं हैं.''

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