बाल ठाकरे की हालत पर चिंता: उद्धव

 शनिवार, 3 नवंबर, 2012 को 11:45 IST तक के समाचार

शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के बिगड़ते स्वास्थ्य की खबरों के बीच कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को पार्टी सांसदों और विधायकों के साथ मुलाकात की है.

बैठक के बाद उद्धव ठाकरे ने इस बात से इंकार किया कि इस मुलाकात का बाल ठाकरे के बिगड़ते स्वास्थ्य से कोई संबध है. हालाँकि इससे पहले शिवसेना की ऐसी बैठकें तभी बुलाई जाती रही हैं जब संसद या विधानसभा का सत्र करीब हो.

सांसदों के साथ हुई इस मुलाकात के बाद उद्धव ठाकरे ने कहा, “शिवसेना प्रमुख के स्वास्थ्य को लेकर हर कोई चिंतित है, मुझे भी उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता है. उनका इलाज चल रहा है. लेकिन ऐसा कुछ नहीं है जो आप सोच रहे हैं.”

"शिव सेना प्रमुख के स्वास्थय को लेकर हर कोई चिंतित है, मुझे भी उनके स्वास्थय को लेकर चिंता है. उनका इलाज चल रहा है. लेकिन ऐसा कुछ नहीं है जो आप सोच रहे हैं...."

उद्धव ठाकरे, कार्यकारी अध्यक्ष, शिव सेना

इस बठैक को पहले से ही प्रस्तावित बैठक बताते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, “सांसदो और विधायकों की बैठक कुछ मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी ताकि सांसद और विधायक आगामी संसद और विधानसभा सत्र के दौरान उन मुद्दों को उठा सकें.”

उद्धव ने बताया कि शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे ने मुलाकात कर उनका हाल जाना है. इसके अलावा महाराष्ट्र के पीडब्लयूडी मंत्री छगन भुजबल ने भी बाल ठाकरे से मुलाकत कर उनका हाल जाना है.

इससे पहले बाल ठाकरे ने दशहरा रैली में हिस्सा नहीं लिया था. इस रैली के लिए दिए गए वीडियो संदेश में बाल ठाकरे ने कहा था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है.

ठाकरे का संदेश

दशहरा रैली संदेश

"आपने मेरा ध्यान रखा, अब उद्धव और आदित्य का ध्यान रखें. उन्हें आप पर थोपा नहीं गया है. शिवसेना, गांधी परिवार की तरह नहीं है"

दशहरे के मौके पर बाल ठाकरे

दशहरा के मौके पर बेटे उद्धव और पोते आदित्य के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं से समर्थन मांगते हुए 86 वर्षीय बाल ठाकरे ने कहा था, ''लोगों को शिवसेना के प्रति अपनी वफादारी बनाए रखनी चाहिए. आपने मेरा ध्यान रखा, अब उद्धव और आदित्य का ध्यान रखिए. उन्हें आप पर थोपा नहीं गया है. शिवसेना, गांधी परिवार की तरह नहीं है.''

बाल ठाकरे के इस रिकॉर्डेड संदेश को दादर स्थित शिवाजी पार्क में दिखाया गया था जहां वो गुजरे सालों में दशहरे के मौके पर अपने समर्थकों को संबोधित करते रहे हैं.

ठाकरे ने अपने संदेश में कहा था, ''मैं चल भी नहीं सकता हूं. बोलते समय मेरी सांस फूल जाती है. मेरी बिगड़ती तबीयत के बावजूद मेरा दिल आपके साथ है, मैंने अपना दिल किसी को नहीं दिया, वो आपके पास ही है.''

ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वो अपना वोट किसी को 'न बेचें.' उन्होंने कहा, ''कुछ बेशर्म लोग हैं जो अपना वोट बेच देते हैं. लोगों को पैसे के लिए अपना वोट नहीं बेचना चाहिए.''

ठाकरे ने अपने पुराने दोस्त और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार को भी कोसा था जिन्होंने कहा था कि मुंबई बहुभाषी शहर है. उन्होंने जोर देकर कहा, ''शिवसेना ने मराठी हितों को तिलांजलि नहीं दी है. ये हमारी बुनियाद है.''

मुंबई स्थित वरिष्ठ पत्रकार अनुराग चतुर्वेदी ने उस समय बाल ठाकरे के भाषण पर कहा था, "शिवसेना प्रमुख बाला साहब ठाकरे के भाषण का दशहरे के मौके पर समर्थकों को बेसब्री से इंतजार रहता है और उनके ना आने से एक बात पुख्ता हो गई है कि बाल ठाकरे और शिवसेना का साथ समय की बात है."

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