गडकरी को मिला भाजपा का साथ

Image caption नितिन गडकरी भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रहे हैं

भ्रष्‍टाचार के आरोपों का सामना कर रहे नितिन गडकरी को भारतीय जनता पार्टी का समर्थन मिल गया है. दिल्ली में मंगलवार को हुई कोर ग्रुप की बैठक के बाद पार्टी ने स्पष्ट कर दिया कि वो अपने अध्यक्ष के साथ है.

पार्टी का कहना है कि नितिन गडकरी ने न तो नैतिक और ना ही कानूनी रुप से कोई गलत काम किया है.

दो घंटे चली बैठक के बाद पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा कि अपने व्यवयाय को लेकर नितिन गडकरी किसी भी निष्पक्ष जाँच का सामना करने के लिए तैयार हैं.

इस बैठक मे चार्टेड एकाउटेंट एस गुरुमूर्ति को विशेष रूप से बुलाया गया था. गुरुमूर्ति ने विस्तार से उन सभी दस्तावेजों के साथ जांच की थी.

एस गुरुमूर्ति का कहना था कि गडकरी ने नैतिक या वित्तिय रूप में कोई भी गड़बड़ी नहीं की है.

आडवाणी,गडकरी बैठक में नही

पर कोर ग्रुप की बैठक में लालकृष्ण आडवाणी और नितिन गडकरी शामिल नही थे. ,

रविशंकर प्रसाद का कहना था कि नितिन गडकरी ने बैठक से इसलिए दूर रहने का फैसला किया क्योंकि बैठक उन्हीं के ऊपर हो रही थी.

इससे पहले, भाजपा के चार बड़े नेताओं ने खुलकर गडकरी को अध्यक्ष पद से हटाने की हिमायत की थी.

जसवंत सिंह, यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि नितिन गडकरी को पार्टी में दूसरी बार अध्यक्ष नहीं बनाया जाना चाहिए.

लेकिन सबसे तगड़ा हमला मशहूर वकील राम जेठमलानी ने किया था.

पर पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज नितिन गडकरी के पक्ष में थीं. उन्होंने टवीट् किया , ''मीडिया में ऐसी खबरें आ रही हैं कि मैं नितिन गडकरी का समर्थन नहीं कर रही हूँ जो बिल्कुल गलत हैं. मैंने उनका हमेशा समर्थन किया है और मैं अपना समर्थन दोहराती हूँ.''

नितिन गडकरी पिछले दिनों भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रहे हैं. इस बीच उन्होंने भोपाल में एक सभा के दौरान स्वामी विवेकानंद और अंडरवर्ल्ड माफिया दाऊद इब्राहिम की बौद्धिक क्षमता की तुलना करके अपनी स्थिति और ख़राब कर ली.

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