आंध्र प्रदेश में कांग्रेस की मुसीबत बढ़ी

BBC
Image caption आम लोगों के लिए बंद है चारमीनार का रास्ता

आंध्र प्रदेश में पहले से संकट में घिरी कांग्रेस के लिए अब एक और चुनौती खड़ी हो गई है. राज्य के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी मजलिस-इ-इत्तेहादुल मुस्लिमीन(एमआईएम) के समर्थन वापसी के झटके से अभी संभल नहीं पाए हैं और अब कई मुस्लिम संगठनों ने भी उनका विरोध शुरू कर दिया है.

लगभग एक दर्जन संगठनों पर आधारित संयुक मुस्लिम संघर्ष समिति ने बुधवार को फ़ैसला किया कि वह नवंबर के आख़िरी सप्ताह से पूरे राज्य में कांग्रेस सरकार की तथाकथित सांप्रदायिक नीतियों के विरुद्ध अभियान चलाएगी.

इस समिति के संयोजक अब्दुल रहीम क़ुरैशी ने कहा कि समिति, कांग्रेस से संबंध तोड़ लेने के एमआईएम के फ़ैसले का पूरा समर्थन करती है.

एमआईएम भी इस संघर्ष समिति का एक हिस्सा है.

कुरैशी ने कहा की ऐतिहासिक स्मारक चारमीनार से लगे 'अवैध' मंदिर में और भी विस्तार की अनुमति देकर मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी और कांग्रेस ने यह साबित कर दिया है कि वे इस मामले में संघ परिवार और भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़े हैं और धर्मनिर्पेक्ष होने के उनके दावे में कोई दम नहीं है.

उन्होंने कहा, "गत दो वर्षों से राज्य में सांप्रदायिक दंगे की जो लहर चल रही है और जिस तरह से मुस्लिम अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के लिए सांप्रदायिक शक्तियों को खुली छूट दे दी गई है उससे मुस्लिम समाज नाराज़ है और समुदाय के लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है."

क़ुरैशी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार के फ़ैसले से क़ानून और हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन हुआ है.

सांप्रदायिक सद्भाव पर असर

एमआईएम के अध्यक्ष और लोक सभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि चारमीनार के आसपास का पूरा इलाक़ा और वहां आने जाने वाले रास्ते बंद हैं, इसे खोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है लेकिन विवादास्पद मंदिर में पूजा करने के लिए आने वालों को आने दिया जा रहा है.

उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, "उप मुख्यमंत्री दामोदर राज नरसिम्हा के परिवार ने भी कल यहां पूजा की. आख़िर सरकार क्या साबित करना चाहती है?''

इस संवाददाता ने बुधवार को जब चारमीनार का दौरा किया तो वहां लगातार चौथे दिन कर्फ्यू जैसी स्थिति थी.

चारमीनार और उसके आस पास के दो किलोमीटर का इलाक़ा आम लोगों के लिए बंद था, रास्तों पर कांटेदार तार लगे हुए थे. हालांकि उन लोगों को चारमीनार जाने दिया जा रहा था, जो मंदिर जाने के इच्छुक थे. ऐसे लोगों की एक लंबी लाइन संवाददाता को दिखी.

दिवाली के मौक़े पर भी काफ़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना के लिए यहां पहुंचे थे. इस दौरान उप-मुख्यमंत्री के परिवार को पुलिस की गाड़ी में अंदर ले जाया गया जबकि भारतीय जनता पार्टी के नेता किशन रेड्डी को प्रवेश नहीं दिया गया.

उधर दूसरी ओर मुस्लिम संघर्ष समिति के नेताओं के एक प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस आयुक्त अनुराग शर्मा और राज्य अधिकार आयोग के अध्यक्ष से मिलकर पुराने शहर में लागू अघोषित कर्फ्यू हटाने और दुकानों को खोलने की अनुमति मांगी है.

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