मांसाहारियों को यौन अपराधी बताने वाली किताब बंद

  • 20 नवंबर 2012
किताब
Image caption 'न्यू हेल्थवे' नाम की इस किताब में कई अजीब बातें लिखी गई हैं.

मांसाहारी लोगों को चोर और यौन अपराधी बताने वाली विवादित किताब पर उसके प्रकाशकों ने रोक लगा दी है.

किताब के प्रकाशक एस चंद एंड कंपनी ने रोक लगाते हुए इस पर खेद जताया है और कहा है कि इसे इसके लेखक डेविड एस पोद्दार के पास भेजा जाएगा.

छठी कक्षा की इस किताब में कहा गया था कि मांसाहारी लोग ''धोखा देतें हैं, झूठ बोलते हैं, वादे भूल जाते हैं, बेईमान हैं, चोरी करते हैं, झगड़ा करते हैं.''

एस चांद ग्रुप के सीईओ अमित गुप्ता ने कहा है, ''हमारे ग्रुप का इतिहास बेदाग रहा है. ये घटना ना केवल चौंकाने वाली है बल्कि हमारे लिए दुखदाई भी है और इसका हमें खेद है और माफी मांगते हैं.''

उन्होंने कहा, ''इस किताब की पिछले साल केवल 1,384 कॉपियां ही बिकीं और इस साल केवल 70 कॉपियां बिकी हैं.''

उन्होंने कहा कि ये कहना गलत है कि सीबीएसई ने इस किताब को स्वीकृति दी है. ''ये किताब किसी कक्षा के कोर्स का भाग नहीं है और एक लर्निंग सीरिज़ का हिस्सा है जिसे स्कूल या छात्र अपने मर्ज़ी से इस्तेमाल कर सकते हैं.''

मांसाहारी लोगों के बारे में इस तरह के टिप्पणी के अलावा इस किताब में ये भी कहा गया था, ''18 से 25 साल की उम्र में लड़की शादी के लिए तैयार होती है. बिना नाम खराब किए शादी करना हर लड़की का सपना होता है.''

'न्यू हेल्थवे' नाम की इस किताब में इनके अलावा भी कई अजीब बातें लिखी गई हैं.

किताब के अध्याय 'डू वी नीड फलेश फूड' में आगे लिखा गया कि मांस के स्वादिष्ट होने का कारण है, ''जब कोई जानवर मरता है तो पूरीन नाम की शरीर की गंदगी जिसे पेशाब से बाहर निकल जाना चाहिए वो मांस में फंस जाती है.''

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