कसाब को फांसी का स्वागत पर राजनीति शुरू

अफज़ल गुरु
Image caption गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अफजल गुरु की फांसी का मुद्दा उठाया है.

मुंबई पर 26/11 के हमले के दोषी अजमल आमिर कसाब की फांसी को जहां कॉंग्रेस नेता न्याय की जीत बता रहे है, वहीं भाजपा नेता अफज़ल गुरु की ओर उंगली उठा रहे हैं.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने मुंबई में कहा कि कसाब को फांसी से साबित होता है कि भारत की न्याय व्यवस्था कितनी पारदर्शी है जहाँ भारत कि ज़मीन पर जुर्म करने वाले भारतीय और विदेशी के साथ न्याय एक ही पैमाने पर किया जाता है.

भारत के विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा "हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान में मौजूद 26/11 के हमले में शामिल लोगों पर उसी पारदर्शी तरीके से कार्रवाई होगी जिस तरह से भारत में हुई, लेकिन केवल वक़्त ही बता सकता है कि क्या होता है."

'देर से लिया सही निर्णय'

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता और महासचिव रविशंकर प्रसाद ने पत्रकारों ने बात करते हुए केंद्र सरकार के इस निर्णय को देर से लिया गया एक सही फैसला बताया. प्रसाद ने इस मौके पर भारतीय संसद पर हुए हमले में दोषी करार दिए गए अफज़ल गुरु का ज़िक्र भी किया.

उन्होंने कहा कि अफज़ल गुरु को फांसी देना ज़रूरी है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट तक ने उसकी पुनर्विचार याचिका को ख़ारिज कर दिया है.

प्रसाद ऐसा कहने वाले अकेले नेता नहीं थे. गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी कसाब को फांसी की खबर आते ही ट्वीट किया, "अफज़ल गुरु का क्या, जिसने लोकतंत्र के मंदिर, हमारी संसद पर पर हमला किया. उसने तो कसाब से बहुत पहले साल 2001 में अपराध किया था."

भारत के गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे से जब पत्रकारों ने अफज़ल गुरु के बारे में पूछा तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. रविशंकर प्रसाद ने यह भी कहा कि भारत सरकार को पुरजोर कोशिश करना चाहिए कि इस साज़िश में शामिल वो लोग जो पाकिस्तान में मौजूद हैं, उनको न्याय के कठघरे में लाया जा सके.

महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर आर पाटिल ने मुंबई में कहा कि यह फांसी उन लोगों के लिए श्रद्धांजलि है जो 26/11 के मुंबई हमलों में मारे गए थे.

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