ठाकरे के विरूद्ध फेसबुक पर लिखने वाले 'सावधान'

 गुरुवार, 29 नवंबर, 2012 को 00:16 IST तक के समाचार
एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे

राज ठाकरे के खिलाफ़ फेसबुक पर 'अश्लील टिप्पणी' करने वाले एक नवयुवक को पुलिस ने पूछताछ कर छोड़ दिया.

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, एमएनएस, प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ़ सोशल नेटवर्किंग साइट फ़ेसबुक पर तथाकथित 'अश्लील' टिप्पणियां करने के लिए ठाणे पुलिस ने एक नवयुवक को पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इस व्यक्ति पर कोई आरोप नहीं लगाए गए हैं और पुलिस इस बारे में क़ानूनी सलाह ले रही है.

एमएनएस के ठाणे ग्रामीण इकाई के अध्यक्ष कुंदन सांखे का दावा था कि इस नवयुवक ने फेसबुक पर राज ठाकरे और महिलाओं सहित महाराष्ट्र के लोगों के खिलाफ़ 'अश्लील' टिप्पणियां की थी जिसके खिलाफ़ छात्र इकाई के उपाध्यक्ष ने पुलिस में शिकायत की और पुलिस से इस मामले की तहकीकात करने को कहा.

मुंबई से बीबीसी संवाददाता जु़बैर अहमद के मुताबिक बुधवार को एमएनएस के कुछ कार्यकर्ताओं ने ठाणे पुलिस से शिक़ायत की कि 18-वर्षीय सुनील विश्वकर्मा ने फेसबुक पर राज ठाकरे के खिलाफ़ कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी की है. इसके बाद पुलिस ने सुनील को पूछताछ के लिए थाने में बुलाया गया.

लेकिन सुनील का कहना था कि उसने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की थी बल्कि उसके फ़ेसबुक अकाउंट को हैक कर किसी और ने ये काम किया है. पुलिस ने सुनील के इस दावे की तहकीकात कर उसे जाने दिया.

दूसरा मामला

हाल के दिनों में ये दूसरा मामला है जब फ़ेसबुक पर 'आपत्तिजनक' टिप्पणियों के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है. इससे पहले शिवसेना नेता बाल ठाकरे की मृत्यु के बाद 'मुंबई बंद' पर फेसबुक पर सवाल उठाने वाली पालघर इलाके की दो लड़कियों को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था.

लेकिन मीडिया में हल्ला मचने के बाद मामले में जांच के आदेश दिए गए और शाहीन ढाडा और रिनु श्रीनिवासन को ज़मानत पर छोड़ दिया गया. प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष मार्केण्डय काटजू ने भी इन गिरफ्तारियों के खिलाफ़ आवाज़ उठाई थी.

मंगलवार को मामले से जुड़े दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया और जज का स्थानांतरण कर दिया गया था. पुलिस अधिकारियों के निलंबन के विरोध में पालघर में शिवसेना ने बंद किया.

बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद का कहना है कि शाहीन और रिनु के मामले में अगर पुलिस अधिकारियों का निंलबन नहीं होता तो शायद सुनील विश्वकर्मा को भी गिरफ़्तार कर लिया जाता. लेकिन आईजी स्तर के एक पुलिस अधिकारी का कहना था कि उस वाक्ये के बाद पुलिस सतर्क हो गई है और इस लड़के को गिरफ़्तार न कर, उससे पूछ-ताछ करके छोड़ दिया गया.

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