गुजरात: प्रचार का अंतिम चरण, छिड़ा घमासान

  • 10 दिसंबर 2012
मोदी
Image caption नरेंद्र मोदी गुजरात में व्यापक चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं और उनकी जीत पक्की मानी जा रही है.

गुजरात में चुनावी मुहिम चरम पर है. राज्य में सर्दी ज़रूर है लेकिन चुनावी माहौल काफी गर्म है.

एक दिन में मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी छह रैलियां कर रहे हैं जबकि सोनिया गाँधी की दो सभाएं हुई हैं.शब्दों की तकरार ज़ोर-शोर से जारी है.

पतन में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ''मैं सोनिया बहन से विनती करूंगा कि राज्य और उसके विकास के आंकड़ों के बारे में पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही कोई बयान दें. क्या वो भूल गई हैं कि पूरे उत्तर भारत में भी जब बिजली गुल थी तब भी गुजरात में बिजली आ रही थी.''

चुनाव प्रचार का पहला दौर मंगलवार शाम ख़त्म हो जायेगा. पहले दौर का मतदान 13 दिसंबर को है जबकि दूसरे दौर का मतदान 17 दिसंबर को है.

इस बीच कांग्रेस पार्टी ने भी चुनावी मुहिम में अपनी पूरी ताक़त झोंक दी है. रविवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राज्य का दौरा किया था तो सोमवार को सोनिया गाँधी गुजरात में हैं.

मंगलवार को राहुल गाँधी रैलियों को संबोधित करेंगे.

चुनावी माहौल को गर्म करने में नरेन्द्र मोदी आगे हैं.

Image caption सोनिया गांधी भी गुजरात में चुनाव प्रचार कर रही हैं.

उन्होंने सोनिया गाँधी पर प्रहार करते हुए कहा,'सोनिया जी को गुजरात की सच्चाई मालूम नहीं है.'

इसके जवाब में सोनिया गाँधी ने कहा मोदी सरकार आम आदमी के खिलाफ है.

उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सरकार की मदद के बावजूद गुजरात के कई गाँवों में बिजली नहीं है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की सभी नीतियों को जनविरोधी करार देते हुए कहा कि मोदी सरकार की वजह से ही गुजरात में किसानों की हालत खस्ता हुई है।

उनके अनुसार नरेन्द्र मोदी की नीतियां अमीरों की तरफदारी करती हैं.

सोनिया गाँधी ने यह भी कहा राज्य में कॉनून और व्यवस्था की कमी है.

इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राज्य सरकार पर विभाजन की सियासत चलाने का इलज़ाम लगाया था.

हालांकि इसके जवाब में मोदी ने कहा कि चुनाव के बाद राज्य में कांग्रेस का ही सफाया हो जाएगा.

नरेन्द्र मोदी के अलावा इस चुनाव में दो ऐसे उमीदवार हैं जो राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं-केशुभाई पटेल जिन्होंने इस बार गुजरात परिवर्तन पार्टी के नाम से अपनी एक नई पार्टी बनाई है और शंकरसिंह वाघेला जो अपनी पार्टी के साथ कांग्रेस में चले गए हैं.

इस चुनाव में कुल 1666 उमीदवार मैदान में हैं जिनमें 32 प्रतिशत करोड़पति हैं. नरेन्द्र मोदी ने पिछले दो चुनाव में भारी कामयाबी हासिल की थी.

स्थानीय अख़बारों के अनुसार कांग्रेस की पूरी ताक़त लगाने के बावजूद इस बार भी सफलता नरेन्द्र मोदी को मिलने वाली है. सवाल केवल यह है की जीत कितनी बड़ी होगी.

संबंधित समाचार