कैप्टन कालिया की मौत पर बोले रहमान मलिक

रहमान मलिक
Image caption रहमान मलिक की यह यात्रा भारत में खेली जानी वाली क्रिकेट सिरीज़ से कुछ ही दिन पहले है.

भारत के दौरे पर आए पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा है कि यह नहीं कहा जा सकता कि कारगिल युद्ध में मारे गए भारतीय कैप्टन सौरभ कालिया पाकिस्तानी गोली से मरे या फिर खराब मौसम के चलते मारे गए हों.

कैप्टन सौरभ कालिया और उनके गश्ती दल के पांच सैनिकों को 15 मई, 1999 को पाकिस्तानी सैनिकों ने पकड़ लिया था. कथित तौर पर उन्हें कई दिनों तक हिरासत में रखा गया और उनका उत्पीड़न किया गया. बाद में उनका क्षतविक्षत शव भारतीय पक्ष को सौंपा गया था.

हाल की में कैप्टन कालिया के पिता ने अपने बेटे की मौत को युद्ध अपराध की श्रेणी में रखते हुए पाकिस्तान के खिलाफ़ कार्रवाई की मांग के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (यूएनएचआरसी) में याचिका दाखिल की है.

उनके बारे में जब रहमान मलिक से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ''कोई भी किसी इंसान की मौत पर अफसोस करने से नहीं हिचकिचाएगा. गोली नहीं देखती उसके सामने कौन है.''

उन्होंने कहा, ''इस मामले को मैंने नहीं देखा है. यह मेरी जानकारी में हाल में ही आया है. मैं इस लड़के के पिता से मिलना चाहूँगा. मैं जानना चाहूँगा कि क्या हुआ था. जब सीमा पर जंग होती है तो कोई नहीं जानता कि वो पाकिस्तानी गोली का शिकार हुए या फिर मौसम की वजह से उनकी मौत हुई.''

हाफिज़ सईद का बचाव

हाफिज़ सईद के मामले में बोलते हुए रहमान मलिक ने कहा कि अगर मुंबई हमलों के प्रमुख अभियुक्त हाफिज़ सईद के खिलाफ उन्हें कोई सबूत मिला तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा लेकिन अदालत अजमल कसाब के बयान को नहीं मानता.

दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ''इस बारे में काफी प्रचार हुआ है. हम पर काफी दबाव है. हमें उनसे कोई प्यार नहीं है.''

उन्होंने कहा, ''अगर मुझे यहां से जाने से पहले सबूत मिला तो मैं उनकी गिरफ्तारी का आदेश दूंगा. अगर हम सात लोगों को गिरफ्तार कर सकते हैं तो हाफिज़ सईद की गिरफ्तारी में क्या मुश्किल है.''

मलिक ने आगे कहा, ''कसाब का बयान अदालत नहीं मानता. हर बयान के साथ कोई सबूत होना जरूरी है.''

मलिक यहां भारत और पाकिस्तान के बीच ताज़े वीज़ा नियमों का एलान करने के लिए आए है जिनका उद्देश्य दोनों देशों के बीच सफर को आसान करना है.

देर से आए

वे यहां पहुंचने के निर्धारित समय से कई घंटे देर से पहुंचे. जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो मलिक ने कहा, ''पायलट को स्वीकृति लेनी थी जिसमें कुछ देरी हुई. कई बार ऐसा हो जाता है.''

अपने भारत के तीन दिवसीय दौरे के दौरान मलिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी बातचीत करेंगे.

दोनों देशों के बीच इस बारे में समझौता सितंबर के महीने में हुआ था जब भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्री मिले थे.

यह कदम दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने की ओर एक प्रयास है जो साल 2008 में मुंबई में हुए हमले के बाद काफी खराब हो गए थे.

आने जाने में आसानी

इससे दोनों देशों के व्यापारियों और रिश्तेदारों के लिए एक दूसरे के देश में आवाजाही आसान हो पाएगी.

भारत के सरकारी टेलीवीज़न चैनल दूरदर्शन के अनुसार मलिक शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिल सकते हैं.

रहमान मलिक की यह यात्रा भारत में खेली जानी वाली क्रिकेट सिरीज़ से कुछ ही दिन पहले है.

सालों में पहला दौरा

पिछले पांच सालों में पाकिस्तान क्रिकेट टीम का यह पहला दौरा है.

ऐसी संभावना है कि भारत इस क्रिकेट श्रृंखला के लिए पाकिस्तान के क्रिकेट प्रेमियों के लिए 3,000 वीज़ा जारी कर सकता है. यह सिरीज़ 25 दिसंबर से शुरु हो रही है.

ऐसा माना जा रहा है कि दोनों देशों में क्रिकेट के संबंधो की दोबारा शुरुआत संबंधों में सुधार का संकेत हैं.

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