उडुपी में दफनाया गया जेसिन्था के शव को

शिरवा शहर का कब्रगाह
Image caption जेसिंथा सल्दान्हा को उनके गांव शिरवा में दफनाया जाएगा. चर्च के कब्रिस्तान में कब्र की खुदाई का काम चल रहा है.

ब्रिटेन के किंग-एडवर्ड अस्पताल की भारतीय मूल की नर्स जेसिन्था सल्दान्हा के शव को सोमवार शाम उनके पैतृक गाँव शिरवा के चर्च के पास बने ईसाई कब्रगाह में दफना दिया गया.

इस मौके पर उनके परिवार के लोग, उनके पति और दो बच्चों के अलावा गाँव के लोग भी मौजूद थे. इनके अलावा किसी विशिष्ट व्यक्ति की मौजूदगी नहीं थी.

इससे पहले जेसिन्था का शव रविवार दोपहर मंगलौर पहुंचा था.

हवाई अड्डे से शव को मणिपाल अस्पताल ले जाया गया और फिर उनके गाँव उडुपी ले जाया गया.

हवाई अड्डे पर जेसिन्था के पति भी मौजूद थे और उनकी उपस्थिति में उनकी परिवार वालों को शव सौंपा गया था.

अंतिम संस्कार

शिरवा के स्थानीय चर्च के पादरी स्टैनी टाउरो ने बीबीसी से बात करते हुए बताया था कि कि चर्च के कब्रिस्तान में जेसिन्था के शव को दफ़नाने के लिए कब्र की खुदाई का काम चल रहा है.

मैंगलोर में जेसिन्था की मां रहती हैं और शिरवा में उनकी ससुराल है जहां उनकी सास और ननद रहती हैं.

शिरवा में ही सोमवार दोपहर को स्थानीय चर्च में एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया जिसमें जेसिन्था सल्दान्हा को लोगों ने अंतिम श्रद्धांजलि दी.

हालांकि जेसिन्था के परिवार वाले उनकी मौत पर खुलकर कुछ भी नहीं कह रहे हैं लेकिन दबे शब्दों में उनके आत्महत्या के कारणों की स्वतंत्र जांच करवाने की मांग कर रहे हैं.

बुधवार को जेसिन्था की याद में उनके गांव उडुपी में कैंडिल मार्च का भी आयोजन किया गया था.

इस जुलूस में बड़ी तादाद में शिरवावासी शामिल हुए .

इस जुलूस का आयोजन स्थानीय रोमन कैथलिक चर्च ने किया जिसमें जेसिन्था के परिवार के करीबी मित्रों के अलावा आम लोगों ने भी हिस्सा लिया था.

लंदन में श्रद्धांजलि

Image caption फादर स्टैनी टाउरो, शिरवा के स्थानीय चर्च के पादरी हैं.

इस बीच लंदन में भी जेसिन्था की याद में एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया है.

ये प्रार्थना सभा लंदन के वेस्टमिन्सटर कैथिड्रल में आयोजित की जा रही है.

जेसिन्था लंदन के किंग-एडवर्ड सप्तम अस्पताल में नर्स थीं.

इसी अस्पताल में 'डचेस ऑफ केंब्रिज' और राजकुमार विलियम की पत्नी केट विलियम को गर्भावस्था के दौरान होने वाले मॉर्निंग सिकनेस के लिए भर्ती कराया गया था.

अस्पताल में ड्यूटी के दौरान एक ऑस्ट्रेलियाई रेडियो चैनल के दो उदघोषकों ने फर्ज़ी कॉल कर केट के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी.

ये फोनकॉल उस वक्त ड्यूटी पर मौजूद जेसिन्था को ट्रांसफर कर दिया गया था, जहां उन्होंने दोनों फर्ज़ी कॉलर्स को ब्रिटेन की महारानी और प्रिंस ऑफ वेल्स समझकर उन्हें केट के स्वास्थ्य की जानकारी से दे दी थी.

इस घटना के बाद जेसिन्था काफी तनाव में थी और तीन दिन बाद उनका शव उनके कमरे में लटका हुआ पाया गया था.

ब्रिटेन में वेस्टमिन्सटर कोरोनर कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हुई और फिर उसे 26 मार्च तक के लिए टाल दिया गया है.

पुलिस ने सात दिसंबर को अदालत में बयान दिया था कि जेसिन्था सल्दान्हा फंदे से लटकी हुई पाई गई थीं.

जबकि लंदन की एंबुलेंस सेवा ने बताया था कि जेसिन्था की कलाई पर ज़ख्म के निशान थे.

जेसिन्था के कमरे से दो नोट भी बरामद हुए थे.

46 साल की जेसिन्था दो बच्चों की मां थीं और ब्रिटेन के किंग एडवर्ड अस्पताल में बतौर नर्स कार्यरत थीं.

संबंधित समाचार