सामूहिक बलात्कार: 10 अहम घटनाक्रम

 बुधवार, 19 दिसंबर, 2012 को 16:20 IST तक के समाचार
बलात्कार का विरोध

इस घटना पर तीखा विरोध जताया जा रहा है

दिल्ली में चलती हुई बस में एक 23 वर्षीय लड़की से सामूहिक बलात्कार की घटना पर व्यापाक विरोध के बीच सरकार और प्रशासन पर लगातार दबाव बढ़ रहा है.

सड़क से लेकर संसद तक इस घटना की कड़ी निंदा हो रही है और महिलाओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की वकालत की जा रही है.

जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी दस अहम बातों पर नजर:

1.दिल्ली हाई कोर्ट ने सामूहिक बलात्कार की इस घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए पांच फास्ट ट्रैक अदालतें बनाने को मंजूदी दे दी है ताकि शहर में बलात्कार के मामलों से तुरंत निपटारा किया जा सके. दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भी हाई कोर्ट से कहा था कि फास्ट ट्रैक अदालतों को सक्रिय बनाया जाए. अदालत ने पुलिस आयुक्त को दो दिन के भीतर मामले की स्थिति रिपोर्ट सौंपने को कहा है.
2. यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी मंगलवार को सफदरजंग अस्पताल में गईं और पीड़ित लड़की से मुलाकात की. उन्होंने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे को पत्र लिख कर राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने को कहा.
3. लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने बुधवार को कहा, “सोनिया गांधी को कार्रवाई की मांग नहीं करनी चाहिए, बल्कि कदम उठाना उन्हीं का काम है.” सुषमा ने संसद में कहा कि बलात्कारियों को मौत की सजा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि दिल्ली में बलात्कार के ताजा मामले पर फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई होनी चाहिए.
4. गृह मंत्री शिंदे ने भी संसद में भरोसा दिलाया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जाएंगे. इनके तहत गृह सचिव की अगुवाई में एक विशेष समिति बनाई जाएगी जो इस तरह के मामलों में दिशानिर्देश तय करेगी. चलती बस में 23 वर्षीय छात्रा से बलात्कार की घटना के बाद हो रहे विरोध के कारण सरकार पर काफी दबाव है.
5. राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा का कहना है कि बलात्कारियों को उम्रकैद की सजा हो और उन्हें नपुंसक बना दिया जाना चाहिए. ममता शर्मा ने बीबीसी से कहा कि इस कड़ी सज़ा के बिना काम नहीं बनेगा और ऐसी सज़ा मिलने के बाद ही आरोपी जिंदा रहते हुए भी मरे रहेंगे. ममता शर्मा का कहना था कि क़ानून में बलात्कारियों के खिलाफ सज़ा तो है लेकिन उसे लागू किया जाना अहम है.

6. बलात्कर पीड़ित लड़की की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है. उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है. लड़की के साथ बलात्कार के समय बस में सवार उसके दोस्त को अस्पताल से छुट्टी दे गई है. इस लड़के ने लड़की को बचाने की कोशिश की जिसके बाद अभियुक्तों ने उसकी भी पिटाई की थी.

7. इस बीच, बस के ड्राइवर राम सिंह को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. उसने पहचान परेड में जाने से मना कर दिया. पुलिस ने अभी तक इस मामले में चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है जबकि दो लोग अब भी फरार बताए जाते हैं.
8. पुलिस ने इस मामले में अभियुक्तों पर लूटपाट के आरोप भी तय किए हैं क्योंकि एक व्यक्ति ने पुलिस से शिकायत की है कि सामूहिक बलात्कार के मामले से लगभग एक घंटे पहले वो भी उसी बस में सफर कर रहा था. बस में सवार अभियुक्तों ने उसके आठ हजार रुपये छीन लिए और दक्षिणी दिल्ली में आईआईटी कैंपस के पास बस बाहर से जबरदस्ती बस से उतार दिया.
9. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आयुक्त ने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर नीरज कुमार और गृह सचिव आरके सिंह को सामूहिक बलात्कार मामले में नोटिस भेजा है. आयुक्त ने कहा, “इस तरह के मामले मानवाधिकार का गंभीर उल्लंघन है. इस मामले ने दिखा दिया है कि कानून व्यवस्था में लोगों का भरोसा घट रहा है, खास कर महिलाओं को सुरक्षा मुहैया कराने के मामले में.” अधिकारियों से दो हफ्तों के भीतर रिपोर्ट तलब की गई है.
10. बताया जाता है कि जैसे ही ये लड़की अपने दोस्त के साथ बस में चढ़ी तो हमलावरों ने उस पर फब्तियां कसनी शुरू कर दी कि इतनी रात को एक आदमी के साथ घर से बाहर वो क्या कर रही है. लड़के ने हस्तक्षेप किया तो उन्होंने इसकी पिटाई शुरू कर दी. जब लड़की ने इसका विरोध किया तो उन लोगों ने लड़की को ‘सबक सिखाने’ का फैसला किया.

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