कलमाड़ी पर आरोप तय करने का आदेश

 शुक्रवार, 21 दिसंबर, 2012 को 13:07 IST तक के समाचार
सुरेश कलमाड़ी

सुरेश कलमाड़ी को राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार के मामले पर जेल भी जाना पड़ा था

दिल्ली की अदालत ने राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के पूर्व प्रमुख सुरेश कलमाड़ी और दस अन्य के खिलाफ़ दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार, चोरी और षड्यंत्र रचने के आरोप तय करने के आदेश दिए हैं.

सीबीआई के विशेष जज तलवंत सिंह ने सुरेश कलमाड़ी, आयोजन समिति के पूर्व महासचिव ललित भनोट और अन्य नौ के खिलाफ़ स्विट्ज़रलैंड की एक निजी कंपनी को समय, स्कोर और नतीजे दिखाने वाले उपकरण के लिए पक्षपातपूर्ण ढंग से बढ़ी हुई क़ीमत पर कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने का आरोप तय करने का आदेश दिया.

सीबीआई के विशेष जज तलवंत सिंह ने कहा, ''प्राथमिक तौर पर आठ आरोपी व्यक्तियों और तीन कंपनियों के खिलाफ़ जालसाज़ी, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार निरोधक क़ानून के तहत मामले बनते हैं.''

इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने सुरेश कलमाड़ी, आयोजन समिति के पूर्व महासचिव ललित भनोट और नौ अन्य के खिलाफ दिल्ली में साल 2010 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में भ्रष्टाचार करने और सरकारी ख़जाने को 90 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने के मामले में आरोप दायर किए थे.

भ्रष्टाचार

अपने आरोप में सीबीआई ने कहा था कि इन लोगों ने अवैध रुप से स्विट्ज़रलैंड की एक निजी कंपनी को टाइम, स्कोर और नतीजे दिखाने वाले उपकरण के लिए बढ़ी हुई क़ीमत पर 141 करोड़ रुपए में कॉन्ट्रैक्ट दिया था. जिसकी वज़ह से सरकारी खज़ाने को इतना बड़ा घाटा उठाना पड़ा.

साथ ही सीबीआई ने कहा था कि कलमाड़ी और अन्य ने स्पेन की कंपनी एमएसएल के 62 करोड़ के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था.

इस मामले में कलमाड़ी को जेल भी जाना पड़ा था और उन्हें नौ महीने जेल में बिताने के बाद इस साल जनवरी में ज़मानत पर रिहा किया गया है.

कलमाड़ी और भनोट के अलावा इस मामले में आयोजन समिति के पूर्व में रहे महानिदेशक वीके वर्मा, महानिदेशक (खरीद) सुरजीत लाल, सह महानिदेशक(खेल) एएसवी प्रसाद और कोषाक्ष्यक्ष एम जयाचंद्रन पर आरोप तय किए गए थे.

दो निर्माण कंपनियों के प्रोमोटर पीडी आर्य और एके मदान की कंपनी जेम इंटरनेशनल और एके रेड्डी की कंपनी एकेआर कंस्ट्रक्शन पर भी इस मामले में आरोप तय हुए थे.

अदालत में बहस के दौरान सीबीआई अभियोक्ता वीके वर्मा ने कहा था कि कलमाड़ी और अन्य ने बोली लगाने से पहले टीएसआर सिस्टम के लिए कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट देने का फैसला कर लिया था.

इसे भी पढ़ें

टॉपिक

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.