'मेरी भी तीन बेटियां हैं, मैं भी चिंतित हूं'

Image caption केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे पर इस मामले को लेकर बहुत दबाव है.

दिल्ली में गैंगरेप की घटना के बाद राजपथ पर पहुंचे प्रदर्शनकारियों के आगे केंद्र सरकार बचाव की मुद्रा में दिखी और सरकार ने अपील की कि लोग शांति बनाए रखें.

प्रेस कांफ्रेंस में गृह मंत्री के अलावा सूचना मंत्री मनीष तिवारी और गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह के अलावा गृह सचिव भी मौजूद थे लेकिन प्रेस कांफ्रेंस का लब्बोलुआब यही था कि लोग संयम बरतें और घर लौटें.

नेताओं का कहना था कि सरकार इस मामले में गंभीर है.

शिंदे ने यहां तक कहा, ‘‘ मेरी भी तीन बेटियां हैं. मैं भी चिंतित हूं. हम बहुत गंभीरता से ले रहे हैं इस मुद्दे को. मैं लोगों से बार बार अपील कर रहा हूं कि वो घर लौटें और संयम बरतें.’’

सरकार ने पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की बात भी की.

शिंदे का कहना था, ‘‘जिन पुलिस अधिकारियों की ज़िम्मेदारी थी इस घटना को रोकने की उन पर कार्रवाई हो रही है. कल दिन में आपको पता चल जाएगा.उन सबको निलंबित किया जा रहा है.’’

जांच आयोग

सरकार ने जांच आयोग की जानकारी भी दी और कहा कि ऐसी घटनाओं में कड़ी से कड़ी सज़ा का प्रावधान किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि सरकार इस घिनौने अपराध पर आने वाली प्रतिक्रिया की समीक्षा के लिए जांच आयोग कानून 1952 के तहत एक जांच आयोग गठित करेगी. यह आयोग राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा सुधारने के लिए उपाय सुझाएगा.

शिंदे ने कहा कि इस तरह के अपराधों से निटपने के लिए कड़ा कानून बनाने की खातिर आपराधिक कानून में संशोधन के लिए कदम उठाये जाएंगे ताकि यौन उत्पीड़न के इस तरह के दुर्लभ से दुर्लभतम मामले में और अधिक प्रभावी सजा सुनिश्चित हो सके.

मौत की सज़ा

बलात्कार के लिए मौत की सज़ा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस पर अभी सीधा कुछ कहना कठिन होगा लेकिन कड़ी सज़ा के प्रावधान पर बातचीत सभी पक्षों से चल रही है.

उनका कहना था, ‘‘मैं आपसे विनती करता हूं कि देश में हर जगह इस घटना के बारे में रोष व्यक्त किया है सरकार इसमें गंभीर है और मैंने दोनों सदनों में भी ये सबकुछ बता दिया है. लोकसभा राज्यसभा में बताया है और कई प्रतिनिधियों से मिला हूं. मैंने सबसे विनती की है कि आप कृपा कर के घर जाइए. सरकार इसे बहुत गंभीरता से देख रही है.’’

सरकार के अनुसार न्यायालय से भी इस मामले की हर दिन के हिसाब से सुनवाई का भी आग्रह किया गया है ताकि मामले में जल्दी सज़ा हो सके.

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