चाय बागान में हिंसा, मालिक-पत्नी ज़िंदा जलाए गए

  • 27 दिसंबर 2012
चाय बागान

पूर्वोत्तर राज्य असम में अधिकारियों का कहना है कि बुधवार रात हुई हिंसा की वारदात में एक चाय बागान मालिक और उनकी पत्नी की मौत हो गई जब गुस्साए मज़दूरों ने उनके बंगले में आग लगा दी.

असम के तिनसुकिया ज़िले में स्थित कुनापत्थर चाय बागान में काम करने वाले मज़दूर इस बात से नाराज़ थे कि कुछ दिन पहले बगान में रहने वाले चंद कर्मिंयों को उनके घर खाली करने के नोटिस भेज दिए गए थे.

भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के कई चाय बागानों में पिछले कुछ वर्षों में कई हिंसक वारदातें दर्ज की गईं हैं.

तिनसुकिया के ज़िलाधिकारी एसएस मीनाक्षी सुन्दरम के मुताबिक़, "करीब 700 लोगों की भीड़ ने बुधवार शाम इस चाय-बागान के मालिक के बंगले को घेर लिया और उसके बाद उसमें आग लगा दी."

उन्होंने बताया, "मृदुल कुमार भट्टाचार्य और उनकी पत्नी रीता के जले हुए शवों को पुलिस ने घटना के बाद जले हुए बंगले से बरामद किया."

अधिकारियों के मुताबिक़ इस बागान के मालिक की दो कारें और संपत्ति भी आगज़नी की घटना में नष्ट हो गईं और हमला करने वाले तीर-कमान से लैस बताए जा रहे हैं.

हालांकि चश्मदीदों के अनुसार घटना के समय इस बंगले में कई और कर्मी मौजूद थे लेकिन सभी इस आग से बच निकलने में सफल रहे.

खींचतान

कुनापत्थर चाय बागान में काम करने वाले मैनेजर का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है.

ख़बरों के मुताबिक़ इस चाय बागान में पिछले कुछ हफ़्तों से मजदूरों और प्रबंधन के बीच खींचतान चल रही थी.

घटना के बाद बोरदुम्सा पुलिस में दर्ज की गई प्राथमिकी की रिपोर्ट के आधार पर तीन मजदूरों को पूछताछ के लिए रोका गया है हालांकि पुलिस के मुताबिक़ अभी तक किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया है.

करीब दो वर्ष पहले मृदुल कुमार भट्टाचार्य के एक और चाय बगान में मजदूरों और प्रबंधन के बीच झडपें हुईं थी.

उग्र मजदूरों ने राजधानी गुवाहाटी के निकट स्थित इस बागान में तब आग लगा दी थी मालिक ने कुछ मजदूरों पर कथित तौर से गोली चलाई थी.

ख़बरों में बताया गया था कि ये घटना तब हुई थी जब कुछ मज़दूर किसी महिला के साथ कथित रूप से छेड़छाड़ कर रहे थे.

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