औरत, माँ होने के नाते आपका दर्द समझती हूँ: सोनिया

सिंगापुर अस्पताल
Image caption लड़की का इलाज सिंगापुर के माउंट एलिज़ाबेथ अस्पताल में चल रहा था

दिल्ली में सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई लड़की ज़िंदगी की जंग हार गई है. हालत बिगड़ने के बाद उसे गुरुवार को सिंगापुर भर्ती कराया गया था जहाँ अब से कुछ देर पहले डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

महिला के शरीर को भारत लाने के लिए एक विमान शनिवार दोपहर सिंगापुर पहुँचेगा.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 23 वर्षीय छात्रा की मौत पर दुख व्यक्त किया.

अपने शोक संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कदमों पर विचार कर रही है. साथ ही मौजूदा कानूनों की समीक्षा भी की जा रही है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि राजनीतिक दल और दूसरे लोग अपने स्वार्थ को दरकिनार करते हुए इस ओर काम करेंगे कि भारत में महिलाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए.

यूपीए प्रमुख सोनिया गाँधी ने कहा कि एक औरत और माँ होने के नाते वो लोगों का दर्द समझती हैं.

उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने अपनी आवाज उठाई है, मैं उन्हें ये आश्वासन देना चाहूँगी कि उनकी आवाज सुनी गई है और उनका संघर्ष व्यर्थ नहीं जाएगा."

सोनिया गाँधी ने कहा कि वो पीड़ित लड़की की हिम्मत और इच्छाशक्ति की दाद देती हैं और लोगों का संघर्ष बेकार नहीं जाएगा.

उन्होंने बताया, "इस घटना ने हमारे निश्चय को और दृढ़ किया है कि हम महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए और इंतजाम करेंगे. हम इस बात की कोशिश करेंगे कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जल्दी से जल्दी कड़ी से कड़ी सजा मिले."

सोनिया गाँधी ने कहा, "इससे हमारे उस निश्चय को और बल मिलता है कि समाज के उस रवैये के खिलाफ संघर्ष करें जिसके तहत पुरुष महिलाओं के खिलाफ बलात्कार और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं."

उधर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा, “आखिर क्या है हमारे समाज में कि इस तरह की घिनौनी घटना देश की राजधानी में हुई.”

उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की.

दिल्ली पुलिस की गलतियाँ

सिंगापुर में बीबीसी संवाददाता पुनीत सिंह ने बताया है कि अस्पताल ने एक बयान जारी कर कहा है कि लड़की की मौत स्थानीय समयानुसार चार बजकर पैंतालिस मिनट पर हुई और उस समय परिवारवाले उसके साथ थे.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अभी ये जानकारी नहीं दी गई है कि लड़की का शव भारत कब लाया जाएगा.

सिंगापुर में भारतीय उच्चायुक्त टीसीए राघवन ने पत्रकारों को बताया: “पीड़िता की मौत उसे लगी चोटों की वजह से हुई. उसके परिवार वाले सदमे में हैं. लेकिन वो ये भी समझते हैं कि उनकी बेटी का अच्छे-से-अच्छा इलाज हुआ लेकिन उसकी चोटें इतनी गंभीर थीं कि उसे बचाया नहीं जा सका.”

उन्होंने बताया कि पीड़ित महिला का परिवार दिल्ली का रहने वाला है.

बलात्कार की घटना के बाद दिल्ली में इलाज के दौरान ये लड़की अपने होश में थी और परिवारवालों से बात भी कर रही थी. मुश्किल हालात में भी अपने दिलेरी से उसने लोगों का दिल जीता लेकिन जिंदगी और मौत की जंग में नहीं जीत पाई.

Image caption टीसीए राघवन ने कहा कि पीड़ित लड़की को लगी चोटें बेहद गंभीर थीं जिसके कारण उसकी मौत हुई

फाँसी की सज़ा पर सवाल

लड़की का इलाज सिंगापुर के माउंट एलिज़ाबेथ अस्पताल में चल रहा था.

16 दिसंबर की रात को इस लड़की से चलती बस में सामूहिक बलात्कार किया गया और फिर बुरी तरह पीटा गया था.

उसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था. दिल्ली में इलाज के दौरान लड़की की हालत लगातार गंभीर बनी रही थी और उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था. डॉक्टर उसकी आंतों को पहले ही निकाल चुके थे.

गुस्सा और नाराज़गी

बलात्कार की इस घटना को लेकर दिल्ली समेत भारत भर में पिछले कई दिनों से प्रदर्शन चल रहे हैं और लोगों में भारी नाराज़गी है. प्रदर्शनकारियों के साथ हुई झड़प के दौरान एक पुलिसकर्मी की मौत भी हो गई थी.

बलात्कार के सिलसिले में छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और दो पुलिस अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं.

इस लड़की को बलात्कार की घटना में दो बार अपना बयान रिकॉर्ड कराना पड़ा था जिसे लेकर भी आलोचना हुई है. पहली बार 21 दिसंबर को एसडीएम के सामने उसका बयान रिकॉर्ड किया गया था. लेकिन मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के सामने 24 दिसंबर को दोबारा उसका बयान रिकॉर्ड कराया गया.

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के इस आरोप के बाद दोबारा बयान रिकॉर्ड कराया गया था कि पुलिस ने पीड़ित का बयान रिकॉर्ड होने की प्रक्रिया में बाधा पहुंचाई थी.

इस घटना को लेकर जहाँ लोगों में ज़बरदस्त गुस्सा है वहीं बलात्कार की इस वारदात ने समाज के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

संबंधित समाचार