दिल्ली बलात्कार 'क्रूरतम अपराध': संयुक्त राष्ट्र

  • 30 दिसंबर 2012
बलात्कार दिल्ली
Image caption पुलिस की सख़्त नाकेबंदी को लेकर जनता नाराज़ हो रही है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने दिल्ली सामुहिक बलात्कार मामले को 'क्रूरतम अपराध' क़रार दिया है और इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है.

अंतरराष्ट्रीय संगठन के प्रवक्ता के ज़रिए जारी किए गए बयान में बान की मून ने कहा, "औरतों के ख़िलाफ़ हिंसा के मामलों को कभी स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए, उसे किसी भी हालत में माफ़ नहीं किया जाना चाहिए, न ही उसे बर्दाश्त किया जाना चाहिए."

उन्होंने कहा, "ये हर लड़की और महिला का हक़ है कि उनका सम्मान हो और उनकी हिफ़ाज़त की जाए."

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि वो इस तरह के अपराध को रोकने के लिए क़दम उठाए और और इस मामले के दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले.

अंतिम संस्कार

दिसंबर 16 को दिल्ली के एक इलाक़े में सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई 23 साल की युवती की मौत शनिवार को सिंगापुर के एक अस्पताल में हो गई थी. उन्हें वहां दिल्ली से इलाज के लिए ले जाया गया था.

युवती के शव को रविवार भोर हवाई जहाज़ के ज़रिए दिल्ली वापस लाया गया जहां उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने शव पर पुष्प अर्पित किए.

जिस समय एयर इंडिया का विमान शव को लेकर सिंगापुर से दिल्ली पहुंचा तो एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद थीं जिन्होंने परिवार जनों से मुलाक़ात की.

हत्या का मुक़दमा

दिल्ली पुलिस ने बलात्कार के मामले में गिरफ़्तार किए गए छह लोगों के ख़िलाफ़ हमला औक हत्या का मामला दर्ज किया है.

पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने कहा है कि इस क़ानून में मौत की सज़ा भी हो सकती है.

पूरे मामले को लेकर नागरिकों में ग़म और गुस्से की लहर है और देश भर में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है.

राजधानी दिल्ली के कई इलाक़ों में पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं और उनकी नाकेबंदी कर दी गई है. मध्य दिल्ली के कई स्टेशनों पर मेट्रो सेवाओं को भी रद्द कर दिया गया था बावजुद इसके लोगों के प्रदर्शनों के लिए जमा होने का सिलसिला रूका नहीं है.

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