बलात्कार पीड़ित की अस्थियां गंगा में प्रवाहित

बलात्कार पर प्रदर्शन
Image caption देश भर में बलात्कार पर प्रदर्शन हो रहे हैं

दिल्ली सामूहिक बलात्कार कांड की पीड़ित लड़की की अस्थियां मंगलवार को उत्तर प्रदेश में उनके पैतृक जिले बलिया में गंगा में प्रवाहित कर दी गईं.

स्थानीय पत्रकार पंकज कुमार राय ने बीबीसी को बताया कि इस मौके पर सैकड़ों लोग मौजूद थे.

लड़की के माता पिता सोमवार शाम को अस्थियां लेकर दिल्ली से बलिया पहुंचे.

गंगा में अस्थियों के विसर्जन के मौके पर स्थानीय गांवों के लोगों के भारी संख्या में पहुंचने की भी उम्मीद की है. इसके अलावा कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने वहां पहुंचने की बात कही है.

16 दिसंबर को दिल्ली में चलती बस में बर्बर सामूहिक बलात्कार की शिकार बनी इस लड़की ने पिछले दिनों सिंगापुर के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली.

लोगों में रोष

इस बीच देश भर में उसके लिए इंसाफ की मांग के साथ प्रदर्शन हो रहे हैं. बलिया में भी लोगों ने ‘अपनी बेटी’ के लिए इंसाफ की मांग की है. वहां महिलाओं और लड़कियों ने शांतिपूर्वक मार्च निकाला.

स्थानीय विधायक उपेंद्र तिवारी ने बीबीसी को बताया कि सामूहिक बलात्कार की घटना पर उनके क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है. इसलिए नववर्ष के मौके पर किसी तरह का कोई आयोजन नहीं किया गया है.

भाजपा विधायक ने कहा, “हमारी पूरी पार्टी और पूरा इलाका नया साल मनाने के पक्ष में नहीं हैं. हम श्रद्धांजलि सभा कर रहे हैं.”

तिवारी ने उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सोमवार रात जब पीड़िता का अस्थि कलश आया तो प्रशासन का कोई व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था. तिवारी के अनुसार उन्होंने एयरपोर्ट पर खुद की चार गाड़ियां भेज कर उन्हें लाने का प्रबंध किया.

'रखा गया ख्याल'

रविवार को पीड़ित लड़की का दिल्ली में अंतिम संस्कार किया गया.

पीड़ित के भाई ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में इस बात से इनकार किया कि उनकी बहन का अंतिम संस्कार तुरत-फुरत में किया गया. उनका कहना है कि अंतिम संस्कार के दौरान उनके परिवार की इच्छा का ख्याल रखा गया.

दस दिन तक दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रहने के बाद लड़की को बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर भेजा गया लेकिन डॉक्टर उसे नहीं बचा सके.

पीड़ित के भाई ने भी देश भर में व्यापक प्रदर्शनों के दौरान उठ रही इस मांग का समर्थन किया है कि कानून में बदलाव किया जाए और अभियुक्तों को फांसी दी जाए.

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