आक्रोश के बावजूद थम नहीं रहे बलात्कार

बलात्कार, दिल्ली
Image caption बलात्कार के खिलाफ पूरे देश भर में आवाज उठाई जा रही है लेकिन अब भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं

दिल्ली में हुए सामूहिक बलात्कार को लेकर देश भर में आक्रोश है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार भी तत्परता दिखाने की कोशिश कर रही लेकिन ऐसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं.

दिल्ली में हुए सामूहिक बलात्कार की 16 दिसंबर की घटना के बाद भी देश की राजधानी के अलावा कई राज्यों से बलात्कार और सामूहिक बलात्कार की ख़बरें लगातार आ रही हैं.

दिल्ली में 23 वर्षीय लड़की के साथ चलती बस में सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद भी ऐसी दो घटनाएं सामने आईं जिनमें से एक उत्तर प्रदेश और दूसरी मध्य प्रदेश की है.

हैरान कर देने वाला एक मामला दिल्ली में भी सामने आया जब जयपुर की 42 साल की एक महिला के साथ उत्तर प्रदेश के तीन लोगों ने बलात्कार किया और उन्हें कालकाजी क्षेत्र में छोड़ दिया.

दिसंबर महीने में कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में बालिग-नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार की कई घटनाएं हुईं.

यौन हिंसा अब भी जारी

गुजरात के पंचमहल ज़िले में महज़ ढाई साल की एक बच्ची कथित तौर पर बलात्कार का शिकार बनी जिसकी मौत सोमवार को हो गई. उस बच्ची के साथ उसके एक रिश्तेदार ने ही बलात्कार किया. उस लड़की को अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसे जिंदगी नहीं दी जा सकी.

दिसंबर महीने के आखिरी हफ्ते में ऐसी घटना हैदराबाद में हुई. एक साढ़े चार साल की बच्ची के साथ 20 साल के एक नेपाली लड़के ने बलात्कार किया जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पश्चिम बंगाल में भी तीन साल की लड़की के साथ बलात्कार हुआ जिसे वर्धमान ज़िले के एक गांव में झाड़ियों में फेंक दिया गया था.

Image caption बलात्कार के मामले में पुलिस के ढीले रवैये पर है लोगों को है बेहद ऐतराज

इसी दौरान कर्नाटक के गुलबर्ग ज़िले से भी 11 साल की एक नाबालिग लड़की के बलात्कार की घटना की ख़बर आई. जब लड़की के घर वालों ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत की तो उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई. बाद में वहां की बाल कल्याण समिति की पहल पर इस मामले पर पुलिस-प्रशासन सतर्क हुआ.

पिछले महीने मध्य प्रदेश में भी बलात्कार के दो मामले दर्ज किए गए. एक 16 साल की नाबालिग लड़की इंदौर के वर्धमान नगर में बलात्कार की शिकार हुई वहीं सागर के एक ज़िला अस्पताल में अपनी बच्ची का इलाज कराने गई एक महिला के साथ तीन सफाई कर्मियों ने सामूहिक बलात्कार किया.

नए साल की शुरुआत भी महिलाओं की यौन हिंसा से जुड़ी ख़बरों से हुई. इसी सोमवार की रात उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले में 16 साल की 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक लड़की को उसके ही घर में एक शादी-शुदा व्यक्ति ने किरोसिन तेल छिड़ककर जलाने की कोशिश की. फिलहाल वह लड़की अस्पताल में है और बुरी तरह जलने से उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. आरोपी व्यक्ति पिछले एक साल से उस लड़की के पीछे पड़ा था और मौके की ताक में लगा रहता था. लड़की ने इसकी शिकायत अपने पिता से भी की थी.

सोमवार की शाम को अलीगढ़ में एक सात साल की लड़की का अपहरण कर बलात्कार किया गया. जब उस लड़की का परिवार इस घटना की शिकायत करने पुलिस थाने पहुंचा तो उन्हें अगले दिन आने का निर्देश दे दिया गया.

कब मिलेगा न्याय

Image caption विरोध प्रदर्शन की वजह से देशभर में बलात्कार के लंबित मामलों पर सरकार दिखा रही है तत्परता

महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न की घटना में न्याय मिलने में कितनी देरी होती है उसकी एक मिसाल केरल की एक घटना भी बयां करती है. केरल के सुर्यानेली गांव की एक लड़की 16 सालों से बलात्कार के मामले में न्याय की आस में है. उसकी उम्र महज 16 साल थी जब उसका बलात्कार 42 लोगों ने 40 दिनों तक किया था.

दिल्ली की सामूहिक बलात्कार की घटना के 10 दिन पहले भारत के शीर्ष अदालत ने निचली अदालतों को निर्देश दिया था कि वे बलात्कार से जुड़े मामले की जांच दो महीने के भीतर निपटाने की कोशिश करें.

शीर्ष अदालत ने बुधवार को एक पूर्व आईएएस महिला अधिकारी की उस सार्वजनिक हित याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति दे दी है जिसमें सरकार से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बलात्कार के सभी मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में करने की मांग की गई है.

टास्क फोर्स का गठन

देश के गृह सचिव की अध्यक्षता में 13 सदस्यीय विशेष टास्क-फोर्स का गठन मंगलवार को किया गया जो हर 15 दिन पर दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मसले की समीक्षा करेगी.

यह टास्क-फोर्स महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली पुलिस के कामों की समीक्षा भी नियमित आधार पर करेगी.

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