एक दूजे के दीवाने मर्दों की दुनिया

समलैंगिक विवाह
Image caption नाइजीरिया में समलैंगिक विवाह निरोधक कानून प्रस्तावित है

इश्क की नज़्म सुनाने को तैयार एक शर्मीला सा नौजवान और उसे जोश दिलाती तकरीबन 50 लोगों की भीड़. ये नज़ारा है नाइजीरिया के सबसे बड़े शहर लागोस के एक क्लब का.

मंच के पीछे एक अन्या आदमी अपने बदन पर कसे लाल लिबास को ठीक करने से पहले जेब से आईना निकाल कर खुद को निहारता है.

इसी तरह के खास लिबास में पांच मर्द और भी हैं जो एक दूसरे के मेक-अप का जायज़ा ले रहे हैं, मानो वे भीड़ के मनोरंजन की अपनी पारी का इंतज़ार कर रहे हों.

वहां मौज़ूद एक बातूनी शख्स कहता है, “कुछ महीने पहले मेरे एक दोस्त ने मुझे यहां आने के लिए कहा था, मुझे यह जगह बेहद पसंद है. क्यूंकि यह मुझे घर सरीखा सा लगता है”.

हालांकि लागोस के समलैंगिक समुदाय का यह जमावड़ा बिना किसी दिखावट के अक्सर वहाँ इकट्ठा होता रहता है पर यह जल्द ही गैरकानूनी करार दिया जा सकता है.

कानून की कड़ी नज़र

ज्यादातर समलैंगिक पुरुषों को नाइजीरिया के परंपरावादी समाज में अपनी यौन अभिरुचि छुपा कर रखनी पड़ती है.

समलैंगिकता नाइजीरिया में पहले से ही गैरकानूनी है. इसे लेकर देश भर में असहमति का वातावरण है. नेशनल एसेंबली में कई बिल इस मुद्दे पर प्रस्तावित हैं.

प्रस्तावित समलैंगिक विवाह निरोधक विधेयक साफ़ तौर पर एक ही लिंग के लोगों की शादी को गैरकानूनी करार देता है.

समलैंगिकों के जमावड़े या क्लब या संगठन बनाने और कामुक भावनाएं जाहिर करने पर भी यह बिल रोक लगाता है, चाहे ऐसी गतिविधियां चुपचाप हों या खुलेआम.

नाइजीरिया के ऊपरी सदन ने इस बिल को पहले ही पारित कर दिया है और अब सिनेट का निचला सदन इस पर विचार कर रहा है. अगर ये पारित हो जाता है तो इसे राष्ट्रपति के पासे भेजा जाएगा. अगर ये कानून बन जाता है तो समलैंगिक जोड़ों पर 14 साल तक की जेल की सज़ा की तलवार लटक जाएगी.

समलैंगिकों की शिकायत

Image caption समलैंगिक चिंतित हैं कि प्रस्तावित कानून से उनके हालात बिगड़ सकते हैं.

लेकिन नाइजीरिया के समलैंगिकों की शिकायत है कि उनके हालात पहले से ही किसी सज़ा से कम नहीं हैं. लागोस में रहने वाले कुनले (बदला हुआ नाम) इस प्रस्तावित बिल से बहुत नाराज़ हैं.

वह कहते हैं,"सरकार किस बिनाह पर यह सोचती है कि किसी को जेल भेज देने से उसके यौन रुझान में कोई परिवर्तन आ जाएगा? कैसा तर्क है यह?"

रशीद विलियम्स नाइजीरिया में समलैंगिकों के मानवाधिकारों के लिए सार्वजनिक तौर पर काम करने वाले लोगों में से एक हैं. वे कहते हैं, "प्रस्तावित बिल उस चीज पर रोक लगाने की बात करता है जो पहले से ही गैरकानूनी है. हम सरकार से दमनकारी कानूनों को खत्म किए जाने की मांग कर रहे हैं."

इस बिल की आलोचना देश के बाहर भी हो रही है. हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में भी इस मुद्दे पर विरोध के स्वर उठे हैं.

इस बीच लागोस में समलैंगिकों के उस क्लब में जोश और उमंग के माहौल के बावजूद हर कोई सतर्क है. वहां किसी को भी तस्वीर लेने की इज़ाजत नहीं है.

ऐसे देश में जहां भीड़ कभी भी कानून हाथ में लेने पर आमदा हो जाती हो, खुद को समलैंगिंक या अलग यौन रुझान रखने वाले की पहचान से जोड़े जाने की आशंका, कई लोगों को परेशान करती है.

संबंधित समाचार