झारखंड के मुख्यमंत्री मुंडा ने दिया इस्तीफा

 मंगलवार, 8 जनवरी, 2013 को 12:33 IST तक के समाचार
झारखंड में अलग हुए बीजेपी और जेएमएम

अब नहीं रहा गठबंधन

झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया है.

भाजपा के नेतृत्व वाली मुंडा सरकार से झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के समर्थन वापस लेने के बाद राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो गई है.

बीजेपी नेता बलबीर पुंज का कहना है कि झारखंड में पार्टी के पास बहुमत नहीं है, इसलिए उनसे राजनीतिक जोड़तोड़ करने के बजाय सत्ता छोड़ना बेहतर समझा.

खबरों के अनुसार मुंडा ने राज्य विधानसभा को भंग करने की सिफारिश की है. राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विधानसभा को भंग के फैसले को मंजूरी मिलने के बाद उन्होंने ये सिफारिश की है.

नई नहीं अस्थिरता

बीबीसी संवाददाता सलमान रावी के अनुसार जेएमएम का कहना है कि बीजेपी से उसका समझौता हुआ था कि दोनों पार्टियां 28-28 महीनों तक सरकार चलाएंगी. लेकिन अर्जुन मुंडा इसके लिए तैयार नहीं हुए.

81 सदस्यों वाली विधानसभा में जेएमएम और बीजेपी के पास 18-18 विधायक हैं जबकि एजेएसयू के छह और जेडीयू के 2 विधायक हैं. अभी तक विपक्ष में बैठी कांग्रेस के राज्य विधानसभा में 13, झारखंड विकास मोर्चा (पी) के 11 और आरजेडी के पांच विधायक हैं.

सरकार बनाने के लिए 41 विधायकों का समर्थन जरूरी है.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार नवंबर 2000 में गठन के बाद से ही झारखंड समय समय पर राजनीतिक अस्थिरता का शिकार होता रहा है क्योंकि वहां अभी तक चुनावों में किसी पार्टी या गठबंधन को बहुमत नहीं मिला है.

मौजूदा स्थिति में राज्य में किसी भी सरकार का गठन जेएमएम के बिना संभव नहीं लगता है.

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