गोलीबारी सीमा पर, गुस्सा फेसबुक पर

  • 9 जनवरी 2013
बीबीसी का फेसबुक पन्ना
Image caption भारत सरकार ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त को बुलाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है

भारत-पाक सीमा पर गोलीबारी और उसमें दो भारतीय सैनिकों के मारे जाने पर आम लोगों में भी गुस्सा है जो बीबीसी हिंदी के फेसबुक पन्ने पर कड़ी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

वहीं भारत सरकार ने इस घटना पर कहा है कि पाकिस्तान को नियंत्रण रेखा का सम्मान करना होगा और भारत सुनिश्चित करेगा कि ऐसी घटना दोबारा ना हो.

इस पर बीबीसी के पाठक धर्मेंद्र महाला गौरव नाथ पांडेय ने लिखा है, ''आशा तो नहीं दिखती लेकिन तमाशा दिख रहा है इस सरकार का.''

वे लिखते हैं, ''भारत सरकार ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की बात कही है लेकिन वह नहीं चाहती है कि इसका असर शांति प्रक्रिया पर पड़े. ये बेहद कायराना बात कही है. हमारे नेता एक बार फिर इस मामले को दफन कर देना चाहते हैं.''

'डंडा सिर्फ अपनों पर'

वहीं योगी विनोद ने पुलिस और लाठी भांजने के बीच संबंध का उल्लेख करते हुए लिखा है, ''इनका डंडा सिर्फ अपनों पर चलता है.''

अंजलि मिश्रा जय हिंद का नारा लगाते हुए लिखती हैं, ''मुझे लगता है भारत सरकार को इस मामले में जल्द कार्रवाई करनी चाहिए.''

वहीं अब्दुल अज़ीज़ शाह लिखते हैं, ''पाकिस्तान अपनी हरकत से बाज़ नहीं आएगा. उसे उसकी ही भाषा में जबाव देना चाहिए.''

इसी तरह फ़ैज़ सिद्दीक़ी ने लिखा है, ''कार्रवाई नहीं हमला करो.''

उत्कर्ष सिन्हा लिखते हैं, ''चेतावनी से काम नहीं चलेगा, कार्रवाई करनी पडे़गी.''

बीबीसी के एक अन्य पाठक सुनील सैनी ने लिखा है, ''उन दो भारतीय सैनिकों को मेरा सलाम है जिन्होंने केन्द्र सरकार की तरह पाकिस्तान के आगे सिर झुकाने के बजाय सिर कटाना उचित समझा.''

( बीबीसी पाठकों की इस मामले में अधिक टिप्पणियां पढ़ने और अपनी बात कहने के लिए आइए हमारे फेसबुक पन्ने पर)

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