गैंगरेप:अभियुक्तों के वकीलों ने कहा आरोप पत्र अस्पष्ट

 गुरुवार, 10 जनवरी, 2013 को 17:27 IST तक के समाचार

दिल्ली गैंगरेप मामले में साकेत अदालत में गुरुवार की सुनवाई खत्म हो गई है और मामला इसी कोर्ट में 14 जनवरी में दोबारा आएगा. इस बीच अभियुक्तों के वकीलों ने अदालत के बाहर बताया कि आरोप पत्र बहुत स्पष्ट नहीं है और इसके परीक्षण की ज़रूरत है.

कोर्ट के बाहर मौजूद बीबीसी संवाददाता शालू यादव ने बताया है कि मामला अभी फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित नहीं किया गया है.

अदालत के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया था.

इस बीच दिल्ली बलात्कार मामले में एक अभियुक्त के वकील ने दावा किया है कि उनके मुवक्किलों को यातानाएं दी गई हैं और उन्हें जुर्म क़बूल करने के लिए मजूबर किया गया.

"बाईस साल के इस लड़के को उसके गांव से पकड़ा गया. उसे 10 दिनों तक शारीरिक यातानाएं दी गई ... उसे इस बात के लिए मजबूर किया गया कि वो ज़ुर्म कबूल करे. फिलहाल वो बात करने के क़ाबिल नहीं है. आप बताएं कि क्या यातना ही एक रास्ता है? क्या न्याय नहीं मिलना चाहिए? या फिर एक मासूम आदमी को फांसी पर लटका दिया जाएगा."

मनोहर लाल शर्मा , वकील

गुरूवार को अदालत में घुसते हुए मनोहर लाल शर्मा ने कहा, "बाईस साल के इस लड़के को उसके गांव से पकड़ा गया. उसे 10 दिनों तक शारीरिक यातानाएं दी गई ... उसे इस बात के लिए मजबूर किया गया कि वो ज़ुर्म कबूल करे. फिलहाल वो बात करने के क़ाबिल नहीं है. आप बताएं कि क्या यातना ही एक रास्ता है? क्या न्याय नहीं मिलना चाहिए? या फिर एक मासूम आदमी को फांसी पर लटका दिया जाएगा."

उन्होंने आगे कहा, "मैंने ये केस इसलिए अपने हाथों में लिया है ताकि इंसाफ़ हो सके. मुझे पता है कि लोगों को दस दिनों तक योतानाएं दी गई है. सबूतों में हेर-फेर किया गया है ताकि लोगों के गुस्से को शांत किया जा सके."

पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने आरोपों पर टिपण्णी करने से ये कहकर इंकार कर दिया कि मामला अदालत के सामने है.

तिहाड़ जेल के प्रवक्ता सुनील गुप्ता ने कहा कि वकील और उसके मुवक्किलों के बीच जो भी बात चीत हो रही है वो उन दोनों के बीच ही रहनी चाहिए. अगर कोई वकील बाहर आकर इस तरह के बयान दे रहा है तो हम उसपर सफ़ाई नहीं देने जा रहे हैं.

सामूहिक बलात्कार मामले के पांच अभियक्तों को तिहा़ड़ जेल में रखा गया है.

पुलिस ने माफी माँगी

मामले में चौथे अभियुक्त पवन गुप्ता के वकील विवेक शर्मा ने कहा है कि उनके मुवक्किल अदालत के सामने कहेंगे कि वो दोषी नहीं हैं.

सोमवार को अदालत के आदेश के बाद की सुनवाई कैमरे के सामने हो रही है और मीडिया पर बिना अनुमति के इससे संबंधित खबर छापने से मना किया गया है.

इस बीच गैंगरेप मामले में कोताही बरतने को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय से मिली फटकार के एक दिन बाद दिल्ली पुलिस ने स्टेटस रिपोर्ट को लेकर अदालत से बिना शर्त के माफी मांगी है.

दिल्ली पुलिस ने अब इस संबंध में ताज़ा रिपोर्ट भी पेश की है और उन पुलिसकर्मियों के नाम भी दिए हैं, जो उस समय घटनास्थल पर ड्यूटी पर थे जब पीड़ित लड़की और उसके दोस्त मदद के लिए गुहार लगा रहे थे.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पीसीआर वैन की भूमिका की जांच की जा रही है.

दरअसल कोर्ट ने पहले दिल्ली पुलिस की ओर से सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट पर नराज़गी जाहिर की थी. कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में पुलिस के बड़े अधिकारियों को नहीं बचाया जाना चाहिए. साथ ही हाई कोर्ट का कहना था कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आयुक्त, सह आयुक्त और डीसीपी पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई.

हाई कोर्ट ने 16 दिंसबर को हुए सामूहिक बलात्कार के मामले पर पुलिस के रवैये की भी आलोचना की थी.

इस लड़की का दिल्ली की बस में सामूहिक बलात्कार किया गया था और उसे गंभीर चोटें आई थीं. बाद में लड़की की सिंगापुर के अस्पताल में 29 दिसंबर को मौत हो गई थी.

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