गैर मुस्लिम से शादी करने पर बहिष्कार का फ़ैसला

  • 11 जनवरी 2013
Image caption लड़कियों की सुरक्षा के नाम पर उदयपुर में पंचों ने ये फैसला सुनाया है

आदिवासी बहुल दक्षिणी राजस्थान के सलुंबर कस्बे में मुस्लिम समाज ने स्कूल और कॉलेज में जाने वाली लड़कियों के मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है.

मुसलमान समाज के पंच प्रमुखों के मुताबिक ये कदम हाल में हुई कुछ घटनाओं के बाद उठाया गया है. मुस्लिम समाज के नेताओं ने बताया कि उन लड़के-लड़कियों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा जो भाग कर शादी करते हैं और इसके साथ ही ऐसा करने वालों पर समाज जुर्माना भी लगाएगा.

दो दिन की बैठक में उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देते हुए मुस्लिम पंचायत के सचिव हबीबुरहमान ने कहा, ''ये कदम कुछ अशोभनीय घटनाओं के बाद उठाया गया है. मगर ये फैसला और पाबंदी विवाहित महिलाओं पर लागू नहीं होगी.''

बहिष्कार

इस बैठक में समाज नेताओं ने कहा कि जो लड़का-लड़की भाग कर शादी करेंगे, उनका समाज बहिष्कार करेगा. ये सज़ा उसे भी दी जाएगी जो किसी गैर मुस्लिम लड़की को भगा कर शादी करेंगे. पंचायत के मुताबिक ऐसा करने वालो पर सामाजिक बहिष्कार के अलावा 51000 रुपए का जुर्माना भी लगाया जाएगा.''

हबीबुरहमान ने फोन पर बताया कि वो पूरी तरह मोबाइल के इस्तेमाल के ख़िलाफ़ नहीं हैं क्योंकि अगर ऐसा होता तो विवाहित महिलाओ को क्यों इसमें छूट दी जाती.

उनके अनुसार, ''अभिभावक हाल में अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हुए हैं. ऐसे में उन्हें लग रहा है कि मोबाइल पर रोक से लड़कियों की सुरक्षा हो सकेगी.''

हबीबुरहमान का कहना है, ''मुस्लिम समाज के लोगों ने बताया कि हाल के वर्षो में लड़कों की बजाए लड़कियों में तालीम का रुझान बढ़ा है. लड़कों और युवकों में खाड़ी देशो में जाने और वहां नौकरी या व्यापार करने का चलन है लेकिन लड़कियों में पढ़ाई के प्रति रूचि बढ़ी है. ऐसे में उनकी हिफाजत पुख्ता करना हमारा फर्ज है.''

इस छोटे से कस्बे में मुसलमानों की ठीक-ठाक आबादी है. पंचायत के मुताबिक सलुंबर में मुसलमानों में सुन्नी मुसलमानों का बाहुल्य है.

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