आखिर माँ को वापस मिले बच्चे

 शुक्रवार, 11 जनवरी, 2013 को 08:02 IST तक के समाचार
नॉर्वे बाल संरक्षण मामला

नार्वे की अदालत के आदेशानुसार बच्चे अपने पिता के छोटे भाई के साथ रह रहे थे

कोलकाता की एक अदालत ने आदेश दिया है कि नार्वे में बच्चों की देखभाल और उन्हें अपने पास रखने के लिए लंबी लड़ाई लड़ चुकीं उनकी माँ सागारिका भट्टाचार्य को फिलहाल उनके बच्चे सौंप दिए जाएँ.

नार्वे की अदालत के आदेशानुसार ये बच्चे अभी तक अपने पिता के छोटे भाई के साथ पश्चिम बंगाल में रह रहे थे.

रिपोर्टों के मुताबिक कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने कहा है कि जब तक बच्चों की कस्टडी पर कोई फैसला नहीं आ जाता तब तक बच्चे अपनी माँ के पास ही रहेंगे और उनके चाचा को उनसे मिलने का अधिकार होगा.

नार्वे से भारत तक

पिछले वर्ष जब नार्वे के अधिकारियों ने बच्चों के माता-पिता को उन्हें साथ रखने से इंकार कर दिया था तब इस घटना की चर्चा दुनियाभर में हुई थी.

अधिकारियों ने माता-पिता पर बच्चों की देखभाल में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था.

एक लंबी अदालती बहस और कूटनीतिक हस्तक्षेप के बाद नार्वे की अदालत ने फैसला दिया था कि बच्चे घर वापस जा सकते हैं लेकिन उन्हें अपने पिता के छोटे भाई की देखरेख में रहना होगा.

सागारिका ने बंगाल लौटने पर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी से अपने बच्चे वापस करने की याचना की थी. सागारिका अपने पति से अलग हो चुकी हैं.

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