गांधी के 'विवादास्पद दोस्त' की चिट्ठियाँ आएँगी सामने

  • 11 जनवरी 2013
महात्मा गांधी
Image caption गांधी और कालेबाख का रिश्ता खासा विवादित रहा है

महात्मा गांधी से जुड़े सैकड़ों पत्र, दस्तावेज और फोटो दिल्ली में 30 जनवरी से प्रदर्शित किए जाएंगे.

ये दस्तावेज हरमन कालेनबाख से संबंधित हैं जो दक्षिण अफ्रीका में रहते हुए महात्मा गांधी के मित्र बने थे.

राष्ट्रीय अभिलेखागार में ये संग्रह आम लोगों के लिए प्रदर्शित किया जाएगा. अभिलेखागार के महानिदेशक प्रोफेसर मुशीरुल हसन ने बीबीसी को बताया, “ये गांधी के शुरुआती दिनों से जुड़ा अहम संग्रह है.”

उन्होंने कहा, “ये दस्तावेज गांधी से ज्यादा कालेनबाख के बारे में बताते हैं और इन्हें हासिल करना बहुत महत्वपूर्ण था.”

भारत सरकार ने पिछले साल नीलाम होने से पहले इन दस्तावेजों को कालेनबाख के परिवार से एक गोपनीय करार करके 11 लाख डॉलर में खरीद लिया था.

कालेनबाख जिमनास्ट और एक बॉडीबिल्डर थे. उन्होंने गांधी को कुछ ऐसे भी पत्र भेजे थे जिन्हें कुछ समीक्षक “प्रेम पत्रों” का नाम देते हैं, हालांकि इन्हें बाद में नष्ट कर दिया गया था.

'विवादित रिश्ता'

इन पत्रों में खुद गांधी ने चंद ही पत्र लिखे थे. ज्यादातर पत्र उनके परिवार, दोस्तों और अन्य लोगों के लिखे हुए हैं.

इनमें से कुछ ऐसे भी पत्र हैं जो बताते हैं कि महात्मा गांधी और हरमन कालेनबाख के बीच कैसा रिश्ता था.

इन दोनों की मुलाकात 1904 में दक्षिण अफ्रीका में हुई और उनके संबंधों पर 2011 में आई एक किताब को लेकर खासा विवाद हुआ.

पुलित्जर पुरस्कार प्राप्त जोसफ लेलीवेल्ड की किताब ‘ग्रेट सोल: महात्मा गांधी एंड हिज़ स्ट्रगल विद इंडिया’ में गांधी और कालेबाख के बीच अंतरंग रिश्ता होने की बात कही गई है.

लेकिन लेवीवेल्ड इन दावों को खारिज करते हैं कि उन्होंने गांधी को नस्लवादी या महिला और पुरुषों, दोनों से यौन संबंध रखने वाला व्यक्ति बताया है.

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