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'यहाँ मैनेजमेंट गुरु भी आते हैं'

प्रयाग में लगातार धारा बदलती गंगा के तट पर कुम्भ के लिए एक नया शहर बसाकर स्नान घाट, सड़क, पुल, बिजली, पानी, यातायात और सुरक्षा का इंतजाम करना एक बहुत मुश्किल भरा काम है.

इस काम के लिए बरसात के बाद दो ढाई महीने का समय मिलता है. इस सारे काम की देखरेख कर रहे हैं आईएएस अधिकारी देवेश चतुर्वेदी, जो इलाहाबाद और कुंभ मेला कमिश्नर हैं.

बीबीसी संवाददाता राम दत्त त्रिपाठी से बातचीत में चतुर्वेदी कहते हैं कि कुंभ मेले का आयोजन आम चुनाव की तरह पूरे देश की प्रशासनिक क्षमता के लिए चुनौती है जिसका अध्ययन करने के लिए मैनेजमेंट गुरु भी पहुंचे हैं.