भड़काऊ भाषण पर हिन्दू धार्मिक नेता गिरफ़्तार

  • 14 जनवरी 2013
हिन्दू परिराख्शाना समिति के अध्यक्ष कमलानंद  भारती
Image caption हिन्दू परिराख्शाना समिति के अध्यक्ष कमलानंद भारती हैदराबाद में विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जहाँ उन्हों ने यह तथाकथित भड़काऊ भाषण दिया

हैदराबाद पुलिस के एक विशेष दल ने स्वामी कमलानंद भारती को सोमवार की सुबह श्रीसैलम में गिरफ़्तार किया.

गत सोमवार को हैदराबाद में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समुदाय के विरुद्ध कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के लिए उनके ख़िलाफ़ तीन पुलिस स्टेशनों में शिकायतें दर्ज की गई थीं.

पुलिस का कहना है की उन पर दो समुदायों के बीच नफ़रत फैलाने और एक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है.

हिन्दू परिरक्षण समिति के अध्यक्ष स्वामी कमलानंद ने यह भाषण भारतीय जनता पार्टी और कई दूसरे हिन्दू संगठनों के ज़रिए मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी के तथाकथित भड़काऊ भाषण के ख़िलाफ आयोजित एक सभा में दिया था.

तीन पुलिस स्टेशनों में जो शिकायतें दर्ज करवाई गई हैं उनके अनुसार कमलानंद भारती ने कहा था की हिन्दू जब चाहें, जहाँ चाहें मुसलमानों को मार सकते हैं.

साथ ही उन्होंने अकबरुद्दीन ओवैसी और उनके भाई और एमआइएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को पाकिस्तानी एजेंट बताते हुए उन्हें फांसी देने की मांग की थी.

भाषण पर कार्रवाई

यह मामला एक ऐसे समय में सामने आया है जब पुलिस ने गत सोमवार को एमआइएम के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी को हिन्दू समुदाय के ख़िलाफ़ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ़्तार किया था.

अदिलबाद ज़िले की अदालत ने अकबरुद्दीन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था लेकिन बाद में पुलिस ने अदालत से उन्हें अपनी हिरासत में दिए जाने की मांग की थी जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था.

इसलिए इस समय अकबरूद्दीन ओवैसी पुलिस की हिरासत में है और उनसे पूछ ताछ की जा रही है.

हालांकि राजनेताओं और धार्मिक नेताओं की ओर से भड़काऊ भाषण दिए जाने की घटना नई नहीं हैं और अक्सर पुलिस इस तरह के मामले दर्ज करती रहती है लेकिन यहे पहली बार है कि पुलिस ने ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उनपर कार्रवाई करनी शुरू की है.

कुछ ही दिन पहले विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया के ख़िलाफ़ भी हैदराबाद के कई पुलिस स्टेशनों में भड़काऊ भाषण देने के मामले दर्ज किए गए थे लेकिन अभी तक उनपर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

यह माना जा रहा है कि आंध्र प्रदेश सरकार और पुलिस एक हिन्दू धार्मिक नेता को गिरफ़्तार करके इन आलोचनाओं का जवाब देने की कोशिश कर रही है की वह केवल मुस्लिम नेताओं को निशाना बना रही है.

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