पेन मसाला: यंत्रों से नहीं गले से निकलता है संगीत

 शुक्रवार, 25 जनवरी, 2013 को 07:45 IST तक के समाचार
पेन मसाला

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबमा के साथ पेन-मसाला समूह के सदस्य

बीते दिनों अमरीका से भारत का दौरा करने आया म्यूज़िक बैंड काफी चर्चा में है. नाम है पेन मसाला. जितना इनका अनोखा नाम है उतना ही अनोखा इनका काम है.

इस बैंड के सदस्यों से मेरी मुलाकात दिल्ली में हुई. इस बैंड की खासियत ये है कि इनका संगीत किसी उपकरण या यंत्र से नहीं बल्कि इनके कंठ से निकलता है.

इस बैंड के सभी सदस्य यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवेनिया के छात्र हैं. इस समय इस ग्रुप के संगीत निर्देशक हैं भारतीय मूल के अक्षत. ये हिंदुस्तानी गाने गाते हैं और वो भी अनोखे अंदाज़ में.

(इस कहानी को आप ईटीवी पर शुक्रवार को प्रसारित होने वाले टीवी कार्यक्रम ग्लोबल इंडिया पर भी देख सकते हैं.)

कठ से निकलता है संगीत

'पेन मसाला' ग्रुप इस समय दुनिया का सबसे पहला हिंदुस्तानी 'आकेपैला' ग्रुप हैं. आकेपैला का मतलब होता बग़ैर किसी संगीत उपकरण के मदद के, अपने गले से ही संगीत पैदा करना.

यानि 'पेन-मसाला' बैंड जो भी गाना गाता है उसमें तबला, हार्मोनियम या ड्रम की धुन तो ज़रुरत तो होती है लेकिन वो पैदा इनके कंठ से होता है.

पेन मसाला

पेन मसाला के प्रशंसकों में उद्योगपति मुकेश अंबानी और सचिन तेंदुलकर शामिल हैं

इस आकेपैला ग्रुप की शुरुआत साल 1996 में यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवेनिया के चार छात्रों ने मिलकर की थी.

उस समय उनके मन में ये ख्य़ाल आया कि वे हिंदुस्तानी संगीत के विभिन्न रुपों कर्नाटक संगीत, शास्त्रीय संगीत जैसे अन्य संगीत को मिलाकर एक बैंड की शुरुआत करें.और इसी सोच के साथ जन्म हुआ 'पेन-मसाला' म्यूज़िकल ग्रुप का.'पेन-मसाला' नाम यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवेनिया से लिया गया है.

संगीत की शिक्षा नहीं

तब से आजतक 'पेन-मसाला' ग्रुप ने एक लंबा सफर तय कर लिया है. इन 16 सालों में इस ग्रुप से कई नए लोग जुड़ें हैं जो मूल रूप से यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवेनिया के ही छात्र रहे हैं.

दिलचस्प बात ये है कि किसी भी सदस्य ने प्रोफेशनल रूप से संगीत में शिक्षा नहीं है और न ही इनका कोई शिक्षक है. वे अपनी पढ़ाई के बीच में से ही समय निकालकर हर हफ्ते 10-15 घंटों के लिए रियाज़ करते हैं.

कभी कभी तो इन्हें पढ़ाई विमान यात्रा के दौरान करनी पड़ती हैं तो कभी अपने टूयर के दौरान होटल के कमरे में बैठकर अपनी कॉलेज असाइनमेंट पूरी करते हैं.

टीम के म्यूज़िक डायरेक्टर अक्षत के मुताबिक, ''पेन-मसाला' ग्रुप का हिस्सा बनने के लिए इसके सदस्य का दक्षिण एशियाई मूल का होना ज़रूरी नहीं है. जैसे इस समय हमारे प्रेसीडेंट सैम लेविंसन विदेशी हैं और हमारे साथ हिंदी में गाना गाते हैं.''

'पेन-मसाला' ने पिछले 16 सालों में अमरीका समेत दुनिया के कई देशों में अपना परफॉर्मेंस दिया है. तीन साल पहले इन्हें अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के सामने भी गाने का मौका मिला था.

इसके अलावा इनके संगीत को पसंद करने वालों में भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फार्ऱुख़ अब्दुलाह़ और क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर भी शामिल है.

बॉलीवुड में दिलचस्पी

कुछ समय पहले इस ग्रुप को भारतीय संगीतकार एआर रहमान, गायिका सुनीधी चौहान के साथ मिलकर काम करने का भी मौका मिला था.

ये ग्रुप बॉलीवुड के संगीत निर्देशकों के साथ भी काम कर चुका है और आगे भी फिल्मों में काम करना चाहते हैं.

वैसे कोई भी म्यूज़िक बैंड हो उसके प्रशंसकों की अच्छी खास संख्या होती है. पेन मसाला का मामला भी ऐसा ही है. लेकिन बैंड के सदस्य बताते हैं कि एक्का दुक्का को छोड़कर किसी की भी गर्लफ्रैंड नहीं है.

इन्हें पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में उन्हें भारतीय संगीतकारों और गीतकारों के साथ काम करने के मौके मिलेंगे.

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