नौ महीने में पहली बार ब्याज दर घटी

 मंगलवार, 29 जनवरी, 2013 को 12:14 IST तक के समाचार
आरबीआई

पिछले नौ महीने में मुख्य ब्याज दर में पहली बार कटौती की गई है.

भारतीय रिज़र्व बैंक ने पिछले नौ महीने में पहली बार मुख्य ब्याज दर में कमी की है. इस फैसले को भारत में आर्थिक विकास के पहिए को दोबारा रफ्तार देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

रिज़र्व बैंक ने तिसरी तिमाही की मौद्रिक नीति की समीक्षा में बाजार को चौंका दिया है.

लघु अवधि की उधार लेने की दर रेपो रेट में 8 फीसदी में 0.25 प्रतिशत की कमी करके इसे 7.75 फीसदी कर दिया है.

जुलाई-सितंबर की तिमाही में भारत की विकास दर पिछले तीन सालों में अपने निचले स्तर पर पहुंच गई थी. तभी से रिज़र्व बैंक पर उधार की दर में कटौती करने का दबाव बढ़ रहा था.

आरबीआई मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने की बात कहते हुए ऐसा करने से बच रही थी.

बढ़ती मंहगाई

हालांकि पिछले महीनों में उपभोक्ता मूल्य में वृद्धि की रफ्तार में कमी देखी गई है.

इसके साथ ही कैश रिज़र्व रेशियो में भी कटौती की गई है. सीआरआर में 0.25 फीसदी की कमी करके इसे 4 प्रतिशत कर दिया गया है.

नकद आरक्षी अनुपात में की गई इस कटौती से अर्थव्यवस्था में 18 हज़ार करोड़ रुपए की तरलता बढ़ने की संभावना है.

कंपनी जगत की संस्था एशोचैम ने भी मुख्य ब्याज दरों में कमी के फैसले का स्वागत करते हुए इसे एक सकारात्मक कदम बताया है.

रेपो रेट में कमी से आम लोगों और कंपनी जगत को मिलने वाले उधार की ब्याज दर में कमी आएगी जबकि सीआरआर वह दर है जिस पर बैंक अपना धन रिजर्व बैंक के पास जमा रखते हैं.

इसमें कटौती का मतलब अर्थव्यवस्था में तरलता का प्रवाह बढ़ना है.

हालांकि रिज़र्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के वृद्धि दर के पहले किए गए अनुमान 5.8 फीसदी को कम करके 5.5 प्रतिशत कर दिया है.

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