पोस्को विरोधी प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज

  • 3 फरवरी 2013
फाइल
Image caption पोस्को प्रतिरोध संग्राम समिति ने दावा किया है कि लाठी चार्ज में कम से कम 15 लोग घायल हुए हैं.

लगभग डेढ़ साल के अंतराल के बाद स्थानीय प्रशासन ने रविवार तड़के ओडिशा के पारादीप के निकट दक्षिण कोरिया की कंपनी पोस्को द्वारा प्रस्तावित 12 मिलियन टन के स्टील प्लांट इलाक़े में एक बार फिर भूमि अधिग्रहण का काम शुरू किया.

पौ फटने से पहले लगभग 12 प्लाटून पुलिस बल के साथ जगतसिंघपुर के ज़िलाधीश सत्य कुमार मलिक और आरक्षी अधीक्षक सत्यब्रत भोई बलितिकिरा पहुंचे जहाँ पोस्को विरोधियों ने पिछले एक पखवाड़े से डेरा डाल रखा है.

पुलिस के पहुँचते ही वहां लगभग 100 लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे.

ख़बरों के मुताबिक़ भीड़ को वहां से हटाने के लिए पुलिस ने हल्का लाठी चार्ज किया जिसमें तीन प्रदर्शनकारी घायल हो गए.

हालाँकि घायलों की संख्या के बारे में प्रदर्शनकारियों और प्रशासन ने परस्पर विरोधी दावे किए हैं.

पोस्को के ख़िलाफ़ आंदोलन

पोस्को के ख़िलाफ़ आन्दोलन का नेतृत्व कर रहे पोस्को प्रतिरोध संग्राम समिति का दावा किया है कि पुलिस लाठी चार्ज में कम से कम 15 लोग घायल हुए हैं लेकिन प्रशासन का कहना है कि कोई भी घायल नहीं हुआ.

पुलिस अधीक्षक भोई ने बीबीसी को टेलीफ़ोन पर बताया कि पुलिस ने केवल उन लोगों को रास्ते से हटा दिया जिन्होंने गोबिंदपुर गाँव के प्रवेश पथ पर क़ब्ज़ा कर रखा था. ज़िलाधीश सत्य मलिक ने कहा कि पुलिस ने कोई ज़बरदस्ती नहीं की.

महिलाओं पर लाठी चार्ज के आरोप का खण्डन करते हुए उनहोंने कहा, "कोई लाठी चार्ज नहीं हुआ. वहां पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस और एक महिला मजिस्ट्रेट भी मौजूद थीं, सख्ती करने की नौबत ही नहीं आई.

Image caption पोस्को प्रतिरोध संग्राम समिति ने महिलाओं और बच्चों पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया गया है

लेकिन पोस्को प्रतिरोध संग्राम समिति के अध्यक्ष अभय साहू ने टेलीफ़ोन पर बीबीसी से बातचीत के दौरान कहा कि पुलिस कारवाई में न केवल 8-10 महिला समेत 15 लोग घायल हुए, बल्कि एक 70 साल के बूढ़े की हालत गंभीर है.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने क़रीब 30 स्कूली बच्चों को भी गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में लोगों में इस पर प्रतिक्रिया को देखते हुए उन्हें छोड़ दिया.

जगात्सिंघ्पुर पुलिस की कारवाई की तुलना पिछले वर्ष रामलीला मैदान में बाबा रामदेव और उनके समर्थकों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के साथ करते हुए साहू ने कहा, "शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे लोगों पर अँधेरा छटने से पहले इस तरह का बर्बर आक्रमण की हम कड़ी निंदा करते हैं."

तेज़ होगा आंदोलन

उनहोंने चेतावनी दी कि रविवार की पुलिस कारवाई के बाद पोस्को के ख़िलाफ़ आंदोलन और तेज़ होगा.

पुलिस कारवाई के विरोध में साहू और जगात्सिंघ्पुर के सांसद बिभू प्रसाद तराई गोबिंदपुर गाँव के बीचों बीच अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए हैं.

दूसरी तरफ़ प्रशासन द्वारा पान की खेतों को उजाड़ने का काम पुलिस की मौजूदगी में जारी है.

ज़िलाधीश मलिक ने बीबीसी को बताया कि दोपहर तक 15 पान के खेतों को तोड़ा गया और लोगों को तत्काल इसका मुआवज़ा भी बतौर चेक वहीँ दे दिया गया.

दोपहर के भोजन के बाद पान खेतों को तोड़ने का काम दोबारा शुरू होगा. "यह काम तब तक चलेगा जब तक सरकारी ज़मीन पर उगाये गए सारे पान के खेत उजाड़ नहीं दिए जाते."

पान के खेतों को उजाड़े और पेड़ काटे जाने के ख़िलाफ़ 100 से भी अधिक लोग धरने पर बैठे है.

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