'विदेशी निवेशकों ने भारत से मुंह मोड़ा'

Image caption भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर की रफ़्तार धीमी हुई.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ के मुताबिक़ विदेशी निवेशकों के कम होते भरोसे की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था धीमेपन की शिकार हो गई है और पिछले वर्ष विकास दर साढ़े चार फ़ीसद रही जो पूर्वानुमान से कम था.

आईएमएफ ने उम्मीद जताई थी कि साल 2012 में भारतीय अर्थव्यवस्था 4.9 प्रतिशत के दर विकसित होगी.

आईएमएफ के रिसर्च विंग के प्रमुख थॉमस हेलबलिंग ने आशंका जताई है कि अगर भारत में विदेशी निवेश नहीं बढ़ा तो विकास दर और धीमी हो सकती है.

उन्होंने कहा, “आर्थिक मंदी के दौर में भारत में विदेशी निवेश काफी कम हुआ है. यह विकास दर के लिए चिंता की बात है.”

आईएमएफ के वर्ल्ड इकॉनामिक आउटलुक की इस रिपोर्ट के मुताबिक़ दुनिया भर की अर्थव्यव्स्थाओं में चीन सबसे आगे चल रहा है. वर्ष 2012 में चीन की आर्थिक विकास दर 7.8 रही है.

एशियाई देश आगे निकले

दूसरे नंबर पर भारतीय अर्थव्यवस्था को ही आंका जा रहा था, लेकिन इस रिपोर्ट के मुताबिक एशिया के दूसरे देश अब भारत से आगे निकल गए हैं.

इंडोनेशिया, मलेशिया, फ़िलिपींस, थाईलैंड और वियतनाम में आर्थिक विकास की रफ्तार दर 5.7 रही. पड़ोसी देश बांग्लादेश में विकास दर भारत से बेहतर था.

हालांकि कुछ आर्थिक विश्लेषक रिपोर्ट को इस आधार पर तर्कसंगत नहीं मान रहे हैं कि इंडोनेशिया, मलेशिया, फ़िलिपींस, थाईलैंड और वियतनाम की अर्थव्यवस्था भारत की तुलना में बेहद छोटी हैं.

सुधर रही है अर्थव्यवस्था

एशियाई देशों के अलावा सब-सहारा के अफ्रीकी देशों में भी 2012 के दौरान आर्थिक विकास की दर 4.8 प्रतिशत आंकी गई है.

हालांकि उम्मीद की जा रही है कि साल 2013 में भारत में विकास दर 5.9 होगी. इसके बल पर भारतीय अर्थव्यवस्था फिर से दूसरे नंबर पर आ जाएगी.

वैसे आईएमएफ की इस रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पटरी पर आने लगी है. इसके मुताबिक अमरीका और जापान में अर्थव्यवस्था में सुधार दिख रहा है, हालांकि अभी इसे बेहद मामूली माना जा रहा है.

लेकिन यूरोपीय संघ के देशों की अर्थव्यवस्था में कोई ख़ास सुधार के आसार नहीं दिख रहे हैं.

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