'भारत सेक्स को लेकर पागल लोगों का देश'

  • 8 फरवरी 2013
दिल्ली में चीनी महिला का बलात्कार
Image caption दिल्ली बलात्कार के मामलों को लेकर विश्व मीडिया की सुर्खियों में है

“इस देश भारत को बलात्कार की लत है. उसके राष्ट्रीय संस्थान नाकारा हैं.”

ये प्रतिक्रिया है "किसइनसासाशान" नाम के एक इंटरनेट यूजर्स की, भारत की राजधानी दिल्ली में एक चीनी महिला के बलात्कार पर.

चीनी इंटरनेट यूजर्स और कुछ मीडिया के हल्कों में भी प्रतिक्रिया इससे अलग नहीं है. इस मामले पर रोष और गुस्सा बहुत तीव्र है क्योंकि ये घटना ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली सामूहिक बलात्कार कांड के बाद सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के वादे कर रही है.

"चुन्शियान" नाम के एक अन्य इंटरनेट यूजर ने लिखा है, “मेरा मानना था कि भारत सुंदर है, लोकतांत्रिक है और मुक्त देश है, लेकिन चलती बस में एक लड़की से बलात्कार के बाद मुझे लगता है कि ये घिनौना देश है.”

भारत न जाने की हिदायत

Image caption चीनी मीडिया में बलात्कार की घटना पर रोष जताया गया है

चीन की सबसे लोकप्रिय समाचार वेबसाइटों में से एक सिना ने अपने बहुत से पाठकों की प्रतिक्रिया को प्रकाशित किया है. एक पाठक ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है, “बहुत नाराज हूं. बहुत ही ज्यादा. भारतीय लोग सेक्स के पीछे कितने पागल हैं. ऐसे में विदेश में चीनी महिला की सुरक्षा को कैसे सुरक्षित किया जा सकता है.”

ग्लोबल टाइम्स, शिन्हुआ और सीसीटीवी जैसे चीन के कई बड़े मीडिया संस्थानों ने दिल्ली में चीनी महिला से बलात्कार की खबर को अपने यहां जगह दी है.

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अपनी खबर में इस सरकारी निर्देश को प्रमुखता दी है जिसमें चीनी महिलों को भारत न जाने की हिदायत दी गई है.

प्रभावशाली सरकारी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' का कहना है कि दिल्ली दुनिया की बलात्कार की राजधानी बनती जा रही है. चीन के सरकारी टीवी सीसीटीवी ने इस खबर को प्रसारित किया है.

चीन के सरकारी प्रसारक ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है कि भारत में चीनी दूतावास ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई है. दूतावास ने अपने सभी नागरिकों और खासकर महिलाओं को चौकन्ना रहने को कहा है.

दूतावास ने इस मामले की तेजी से जांच कर दोषियों को सजा देने की अपील की है.

(बीबीसी मॉनिटरिंग दुनिया भर के टीवी, रेडियो, वेब और प्रिंट माध्यमों में प्रकाशित होने वाली ख़बरों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण करता है. बीबीसी मॉनिटरिंग की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें. आप बीबीसी मॉनिटरिंग की खबरें ट्विटर और फेसबुक पर भी पढ़ सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार