अगले पोप भारत से क्यों नहीं?

  • 12 फरवरी 2013
Image caption भारतीय रोमन कैथलिक ईसाईयों की इस मुद्दे पर मिली-जुली प्रतिक्रिया है.

पोप बेनेडिक्ट सोलहवें का अपने पद से इस्तीफा देने के बाद विश्व भर में चर्चा शुरू हो गई है कि अगले पोप किस देश से होंगें.

हालांकि भारत में रोमन कैथलिक लोगों की संख्या कम ही है, लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि क्या कभी कोई भारतीय कार्डिनल पोप के पद तक पहुंच सकता है?

वैसे तो पिछले दशकों में ज़्यादातर पोप इटली से ही बने हैं, लेकिन इस बार लातिन अमरीका और अफ्रीका के कार्डिनल के नाम भी रेस में है.

भारतीय गिरिजाघरों के सूत्रों का कहना है कि भारतीय कार्डिनल का पोप के पद तक न पहुंच पाने का कारण सिर्फ ये नहीं है कि भारत में रोमन कैथलिक लोगों की संख्या कम है.

सूत्रों के मुताबिक चूंकि भारत के गिरिजाघर और ईसाई धर्म यूरोपीय देशों के मुकाबले उतने परिपक्व नहीं है, इसलिए पोप के पद तक पहुंचना अभी एक सपना होगा.

‘क्या फर्क पड़ता है?’

हालांकि दिल्ली में सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल के पेरिश प्रीस्ट मारिया सुसाई ने बीबीसी को बताया, “हमें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि पोप दुनिया के किस कोने से हैं. वो कहीं से भी हों, वो दुनिया भर के रोमन कैथलिक लोगों के धर्मगुरू होंगें. हमें इस बात से कोई शिकवा नहीं होना चाहिए कि उस पद पर भारतीय है या नहीं.”

दिल्ली में सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल में दोपहर की पूजा के लिए आए कुछ लोगों से जब बीबीसी ने बात की तो ज़्यादातर लोगों ने कहा कि उन्हें खुशी होगी अगर कोई भारतीय आर्चबिशप इस पद के दावेदार बनते हैं.

दिल्ली के एक निजी कॉलेज में पढ़ने वाले युवक अंशुल का कहना था, “आज के दौर में भारतीय लीडरों का पूरी दुनिया में दबदबा है. तो पोप भारत से क्यों नहीं हो सकते? बिलकुल हो सकते हैं.”

कुछ लोगों का कहना था कि अगर भारत के कोई कार्डिनल उस पद तक पहुंचता है तो उन्हें बहुत खुशी होगी, लेकिन कुछ लोगों का कहना था कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि पोप दुनिया के किस कोने से हों.

चर्च में पूजा करने आई आशा ने कहा, “जो बात मायने रखती है, वो ये है कि नए पोप दुनिया भर के रोमन कैथलिक ईसाईयों की बागडोर संभाल सकें. पोप तो भगवान के चुने हुए प्रतिरूप होते हैं. वो भारत से हों या कहीं ओर से, उससे क्या फर्क पड़ता है?”

अगले पोप किसी भी देश से हों, लेकिन इस मुद्दे ने भारतीय ईसाईयों को भी अपनी उम्मीदें ज़ाहिर करने का मौका दे दिया है.

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