भ्रष्टाचार हुआ तो सौदा रद्द हो सकता है: एंटनी

  • 13 फरवरी 2013
फाइल चित्र
Image caption सौजन्य एयरटीमइमेचीज. कॉम

हेलिकॉप्टर सौदे में कथित तौर पर भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने का मामला गर्माता जा रहा है. रक्षा मंत्री ने गुरुवार को कहा है कि जो भी दोषी पाया जाएगा उसे बख़्शा नहीं जाएगा. सरकार पहले ही सीबीआई जाँच का आदेश दे चुकी है. रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार के आरोप साबित हुए तो सौदे को रद्द भी किया जा सकता है.

इटली के एयरोस्पेस और डिफेंस निर्माण कंपनी फिनमैकानिका के मुखिया को रिश्वत देने के आरोप में मिलान में गिरफ़्तार किया जा चुका है.

पत्रकार वार्ता में एके एंटनी ने कहा, "हमारे लिए कोई भी विकल्प खुला बंद नहीं है. सीबीआई जाँच का आदेश दिया गया है. सीबीआई से कहा गया है कि वो जल्द अपनी रिपोर्ट तैयार करे लेकिन कोई समससीमा नहीं दी जा सकती."

रक्षा मंत्री का कहना था, "इन्ट्रेगिटी संधि के तहत अगर कंपनी की तरफ से कोई भी उल्लंघन होता है तो हम कानूनी रूप से सख्त कदम उठाने के लिए स्वतंत्र हैं. वे बच कर नहीं जा सकते."

उन्होंने कहा कि सीबीआई की शुरुआती रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएँगे.

जब रक्षा मंत्री से पूछा गया कि इस मामले में कथित तौर पर पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी का नाम भी लिया जा रहा है तो एंटनी ने कहा कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है. पूर्व वायुसेना प्रमुख ने तमाम आरोपों से इनकार किया है.

क्या है हेलिकॉप्टर घोटाला

भारतीय रक्षा मंत्रालय ने फिनमैकानिका कंपनी से 2010 में करीब 3600 करोड़ रुपए में 12 अति सुरक्षित अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टरों की ख़रीददारी की थी.

इसमें तीन हेलिकॉप्टर भारत आ चुके हैं और बाक़ी के नौ हेलीकॉप्टरों के इस साल जून-जुलाई तक भारत आने की उम्मीद थी.

भारत ने इस मामले में ग्रेट ब्रिटेन से भी जानकारी मांगी है, लेकिन वहां भी उसे कामयाबी नहीं मिली है.फिनमैकानिका इटली की कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड की सहयोगी कंपनी है और इसमें 30 फ़ीसदी हिस्सेदारी इटली की सरकार की है.

इस सौदे के एक साल बाद इटली की मीडिया में ऐसी रिपोर्टें आईं कि यूरोप में दो बिचौलियों को गिरफ़्तार किया गया है जिन्होंने इस सौदे को कराने में अहम भूमिका निभाई.

जेसेपी ओरसी कौन हैं

ये रक्षा सौदा विवादों के घेरे में आ गया था. इटली में इस मामले की जांच शुरू हुई और अब फिनमैकानिका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को गिरफ़्तार किया गया है.

जेसेपी ओरसी 2011 से फिनमैकानिका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं. वे लगातार घाटे में चल रही कंपनी को नए सिरे से खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन उनकी गिरफ़्तारी के बाद कंपनी के शेयरों की कीमतों में करीब ग्यारह फ़ीसदी गिरावट दर्ज हो चुकी है.

उधर फिनमैकानिका ने अपनी ओर से बयान जारी किया है कि पूरी कंपनी ओरसी के साथ है और मामले में उन्हें हरसंभव कानूनी मदद मुहैया कराई जाएगी.

फिनमैकानिका के मुखिया गियूसेप्पे ओरसी के ख़िलाफ़ बीते कई महीनों से जांच चल रही थी.हालांकि इटली की सरकार ने इस बाबत भारत को कोई जानकारी देने से इनकार किया है.

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