बजट से उद्योग जगत उत्साहित, विपक्ष नाखुश

  • 28 फरवरी 2013
मनमोहन सिंह
Image caption मनमोहन ने बजट के लिए चिदंबरम की सराहना की है.

वर्ष 2013-14 के वार्षिक बजट को आर्थिक जगत से जहां सराहना मिली है वहीं विपक्षी दलों ने इस पर असंतोष ज़ाहिर किया है.

बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्योग जगत की प्रतिनिधि संस्था ऐसोचेम ने इसे निवेश और विकास को रफ्तार देने वाला बजट बताया है.

ऐसोचैम ने चिदंबरम को बधाई देते हुए कहा,“बजट में वित्तीय प्रबंधन, बुनियादी ढांचे और दक्षता निर्माण का ख्याल रखा गया है. इससे दबाव झेल रहे उत्पादन क्षेत्र को राहत मिलेगी.“

समाचार एजेंसी रायटर ने यस बैंक की शुभदा राव के हवाले से बताया,"कुल मिलाकर यह एक अच्छा बजट है. बुनियादी ढांचे की राह में आने वाली बाधाओं को दूर करने, निवेश को रफ्तार देने और ऊर्जा आपूर्ति जैसे मसलों पर छोटे-छोटे कदम उठाए गए हैं."

सरकार का नज़रिया

केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के इस साल के बजट की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सराहना की है और कहा है कि अब मंत्रिमंडल के हाथ में है कि किस तरह से चुनौतियों को अवसर में तब्दील किया जाए.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ट्वीट किया,''घाटे पर काबू पाते हुए और साथ ही प्रगति के लिए अनिवार्य कदम उठाते हुए वित्त मंत्री ने बहुत अच्छा काम किया है.''

बजट के बाद एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा,''ज़मीन और पर्यावरण की मंज़ूरी आदि मसलों पर कई मुश्किलें आ रही हैं. लेकिन यह राज्य सरकारों की ज़िम्मेदारी है. केंद्र सरकार प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है.''

उन्होंने कहा, ''देश को अब बिना वक्त गंवाए प्रगति की राह पर चल पड़ना चाहिए. मेरा मानना है कि अगर देश का मूड सही है तो यह विपक्ष पर भी असर डालता है.''

Image caption उद्योग जगत ने बजट पर उत्साह दिखाया है.

मनमोहन सिंह ने कहा, ''अगर देश आठ प्रतिशत की विकास दर हासिल कर लेता है तो जीत देश के लोगों की ही होगी.''

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

लेकिन विपक्ष ने इस बजट की निंदा की है. वरिष्ठ बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने कहा,"प्रधानमंत्री की उपस्थिति में चिदंबरम ने पिछले वित्त मंत्री की आलोचना की है जो इस समय राष्ट्रपति हैं. मैं समझता हूँ कि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था."

बसपा नेता मायावती ने कहा, "केंद्र सरकार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है और जो कुछ घोषणाएं की गई हैं वो हमें हवाई नज़र आती हैं."

उद्योग जगत की राय

बीबीसी संवाददाता शिल्पा कन्नन ने उद्योग जगत के कई प्रतिनिधियों से बजट पर उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही.

जनरल मोटर्स ( भारत) के लोवेल पैडॉक ने कहा कि, "ये मिलाजुला बजट है. हमारी जैसी कंपनियों को निर्माण क्षेत्र में पैसा आने से फायदा होगा. लेकिन जीएसटी पर कोई घोषणा न करना एक अहम मौके को खो देने के बराबर है."

फिक्की के महासचिव डॉक्टर ए दिलदार सिंह ने कहा,“ये बजट गुड्स एंड सर्विसिज़ टैक्स की ओर पहला कदम है. ये अच्छी बात है. मुआवज़े के लिए नौ हज़ार करोड़ रखे गए हैं.”

फिक्की की नैना लाल किदवाई ने कहा है कि ये सुलझा हुआ बजट है जिसमें जिम्मेदारी का पुट है.

गोदरेज समूह के प्रमुख आदि गोदरेज ने कहा है कि सब्सिडी की रकम लाभार्थी को सीधे देने से उपभोग बढ़ाने में मदद मिलेगी और यह एक सोच समझकर दिया गया बजट है इसमें कोई बहुत ज्यादा कमियां नहीं खोजी जा सकतीं.

वहीं, वित्तीय फ़र्म आनंद राठी के मुख्य अर्थशास्त्री सुजैन हाजरा कहते हैं,"यह बड़े फलक वाला बजट है जो कि बुरी परिस्थितियों में सबसे बेहतर तरीके से बनाया गया है. बजट से साफ होता है किवित्तीय घाटेमें कमी लाने को प्राथमिकता दी गई है और लोकप्रियतावादी कदमों से बचने की कोशिश की गई है."

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