शिंदे के बयान से फिर उठा विवाद

Image caption शिंदे के बयान पर विवाद के बाद शिंदे ने अपना बयान वापस ले लिया है.

महाराष्ट्र के भंडारा में तीन बहनों के साथ कथित रेप और हत्या के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री विवाद में फंस गए हैं.

पहले गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने राज्यसभा में बयान दिया कि लड़कियों के साथ बलात्कार हुआ था. हालांकि इससे पहले महाराष्ट्र पुलिस ने जांच के बाद कहा था कि लड़कियों का रेप नहीं हुआ था.

इतना ही नहीं गृह मंत्री ने बयान देते हुए लड़कियों के नाम भी ले लिए. जब इस पर टीका टिप्पणी हुई तो गृहमंत्री ने बयान वापस ले लिया लेकिन तब तक गृह मंत्रालय से जारी बयान में ये नाम आ चुके थे.

अब गृह मंत्रालय ने इस बयान को भी वापस ले लिया है और कहा है कि इस जगह पर नया बयान दिया जाएगा.

बयान पर बवाल

गृह मंत्री ने विपक्ष के विरोध के बाद कहा, ‘‘मैंने अपना बयान वापस ले लिया है. राज्यसभा के चेयरमैन ने भी बयान हटा दिया है. इसकी जांच की जाएगी.’’

उधर महाराष्ट्र में अधिकारियों ने गृहमंत्री के बयान पर कुछ भी कहने से मना कर दिया है.

यह मामला कुछ समय पहले का है जब भंडारा ज़िले में तीन कम उम्र की लड़कियां एक कुएं में मृत पाई गई थीं.

जांच के बाद पता चला कि इन लड़कियों की रेप के बाद हत्या की गई थी. हालांकि महाराष्ट्र पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद बताया था कि मामले में रेप नहीं हुआ था और अब पुलिस हत्या के मामले की जांच कर रही है.

पुलिस की चुप्पी

मुंबई से बीबीसी संवाददाता जुबैर अहमद के अनुसार 'बलात्कार' पर गृह मंत्री के ब्यान पर उठे बवाल के बाद राज्य पुलिस ने चुप्पी साध ली है.

भंडारा की एसपी आरती सिंह के दफ्तर में शुक्रवार सुबह से ही राज्य के पुलिस प्रमुख अपने वरिष्ट साथियों के साथ मीटिंग कर रहे हैं. अनथक कोशिशों के बावजूद पुलिस अधिकारियों ने इस मुद्दे पर टिपण्णी करने से मना कर दिया.

तीनों बहनों के शव एक कुएं में मिलने की खबर के बाद आरती सिंह ने बीबीसी से कहा था कि पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट के अनुसार तीनों बहनों की हत्या से पहले उनका बलात्कार हुआ था. लेकिन मंगलवार को उन्हों ने बताया कि फॉरेंसिक रिपोर्ट में बलात्कार को खारिज कर दिया गया है.

लेकिन शुक्रवार को गृह मंत्री ने संसद में लड़कियों के 'बलात्कार' और उनकी हत्या की बातें कहीं

इस समय ये कहना मुश्किल है कि बहनों का बलात्कार हुआ था या नहीं क्योंकि पुलिस मीडिया से बात नहीं कर रही है. लेकिन भंडारा पुलिस थाने के एसएचओ के सस्पेंड किए जाने की खबर से इस शक को बल मिलता है कि पुलिस ने इस केस की जांच में कहीं न कहीं गड़बड़ की है

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