'ड्रग' मामले में आरोपों से हैरान हैं विजेंदर

  • 8 मार्च 2013
विजेंदर सिंह (फ़ाइल फोटो)
Image caption विजेंदर सिंह ने भारत के लिए कई पदक जीते हैं.

हेरोइन तस्करी के मामले में नाम आने के बाद भारतीय मुक्केबा़ज़ विजेंदर सिंह ने तमाम आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा है कि उनका किसी भी हेरोइन तस्कर के साथ कोई संबंध नहीं है.

उन्होंने कहा कि जांच के बाद ये बात साबित हो जाएगी कि वो किसी भी तरह से इसमें शामिल नहीं हैं.

ग़ौरतलब है कि पंजाब पुलिस ने गुरूवार को चंडीगढ़ से सटे ज़िरकपुर स्थित एक फ़्लैट से 26 किलो हेरोइन बरामद किया था जिसकी क़ीमत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में 130 करोड़ के आस-पास लगाई जा रही है.

उसी फ़्लैट के सामने पुलिस ने एक गाड़ी बरामद की जो कि विजेंदर सिंह की पत्नी अर्चना की गाड़ी बताई जा रही है. पुलिस ने वो गाड़ी अपने क़ब्ज़े में लेली है.

हो सकती है पूछताछ

दूसरी ओर फतेहगढ़ साहिब के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरदयाल सिंह ने कहा है कि शुरुआती जाँच में ऐसा नहीं लगता कि हेरोइन की बरामदगी से विजेंदर सिंह का कोई संबंध है.

लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर ज़रूरत पड़ी तो विजेंदर को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है.

एक समय में दुनिया के नंबर एक मुक्केबाज़ रह चुके और 2008 ओलंपिक में भारत को मुक्केबाज़ी का पहला पदक दिलाने वाले विजेंदर ने समाचार एजेंसी पीटीआई से फ़ोन पर बातचीत के दौरान कहा, ''मैं इस आरोप से हैरान हूं. फ़िलहाल मैं मुंबई में हूं. हालांकि मेरे मित्रों ने मेरी पत्नी की कार से मुझे एयरपोर्ट पर छोड़ा था, लेकिन मुझे नहीं पता कि वह कार ज़िरकपुर के उस फ़्लैट के बाहर कैसे पहुंच गई.''

उन्होंने आगे कहा, ''मुझे एयरपोर्ट छोड़ने के बाद हो सकता है मेरे मित्रों ने कार का इस्तेमाल किया होगा, लेकिन इस मामले में मेरा नाम क्यों जोड़ा जा रहा है, यह मेरी समझ में नहीं आ रहा.''

विजेंदर ने कहा कि पुलिस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उनको उस कार से कुछ भी नहीं मिला है और ना ही पुलिस ने उनसे संपर्क किया है.

गिरफ़्तारी

उधर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरदयाल सिंह ने कहा कि ड्रग तस्करी के मामले में पुलिस ने हाल ही में एक एनआरआई अनूप सिंह और उनके साथी कुलविंदर सिंह को गिरफ़्तार किया था.

पुलिस के अनुसार अनूप सिंह ने ही मुक्केबाज़ विजेंदर सिंह और उनके एक क़रीबी साथी और राष्ट्रीय स्तर के मुक्केबाज़ राम सिंह से संबंध होने की बात की थी.

लेकिन इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए विजेंदर सिंह ने कहा कि एक ड्रग तस्कर की बात पर कैसे विश्वास किया जा सकता है. इससे पहले पुलिस ने उन गिरफ़्तार लोगों को अदालत में पेश किया और अदालत ने उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया.

पुलिस ने उनसे 13 लाख रूपए नक़दी भी बरामद किया था. पुलिस अधीक्षक के अनुसार अनूप सिंह अपने परिवार के साथ 1995 से ही कनाडा में रह रहे हैं लेकिन वो अक्सर भारत आते रहते हैं.

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