समुद्री लुटेरों की कैद से रिहा हुए भारतीय नाविक

सोमालिया
Image caption सोमालियाई लुटेरों ने पिछले साल नाविकों का अपहरण किया था

पिछले एक साल से सोमालिया के समुद्री डाकुओं की कैद में रह रहे 28 भारतीय नाविकों को आज रिहा कर दिया गया.

इन नाविकों को दो जहाजों की मदद से किनारे लाया गया जहां से उन्हें घर की ओर रवाना किया जाएगा. भारत के जहाजरानी मंत्री जीके वासन ने शनिवार को चेन्नई में बताया कि इन दो जहाजों पर सवार नाविकों की रिहाई जहाज, विदेश, रक्षा और गृह मंत्रालय, जहाज के महानिदेशक तथा अन्य एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से संभव हो सकी है.

वासन ने संवाददाताओं को बताया, “ भारतीय नाविकों के रिहा होने की घोषणा करते हुए मैं बेहद प्रसन्नता का अनुभव कर रहा हूं. सभी के प्रयास से हम मार्च 2012 में हाइजैक किए गए एमवी रॉयल ग्रेस और मई 2012 में हाइजैक किए गए एमटी समरीनी को मुक्त करवा पाए हैं.” उन्होंने कहा कि एमवी रॉयल ग्रेस से 17 नाविक और एमटी समरीनी से 11 नाविक इस हफ्ते घर लौटेंगे. सोमालिया के तटीय इलाकों पर हो रही समुद्री डकैतियों पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले से निपटने में अत्यंत सावधानी बरत रही है. उन्होंने कहा कि नाविकों को सुरक्षित घर पहुंचाना हमारी पहली प्राथमिकता है. वासन ने आगे बताया कि अभी भी नौ भारतीय नाविक सोमालियाई डाकुओं की कैद में हैं. उनका कहना था कि सरकार उनकी “सुरक्षित रिहाई” सुनिश्चित करने के अपने प्रयासों को जारी रखेगी. वासन ने नाविकों को रिहा करने के बदले समुद्री डाकुओं की ओर से की गई किसी भी तरह की मांग के बारे में कोई जानकारी देने से मना कर दिया.

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