मोदी ने बताई 'धर्मनिरपेक्षता' की परिभाषा

नरेंद्र मोदी
Image caption नरेंद्र मोदी ने गुजरात की तारीफ करने के साथ-साथ प्रवासी भारतीयों को राज्य में आने का निमंत्रण दिया

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि देश के नागरिकों के हर फैसले में भारत सर्वोपरि होना चाहिए और धर्मनिरपेक्षता की बुनियाद यही होगी कि जो भी काम किया जाए वह भारत के लिए हो.

उन्होंने कहा, “देश सभी धर्मों और विचारधाराओं से ऊपर है. हमारा लक्ष्य भारत की तरक्की होनी चाहिए और धर्मनिरपेक्षता अपने-आप हीं हमसे जुड़ जाएगा.”

रविवार की सुबह नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये अमरीका और कनाडा के प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए गुजरात की तारीफ़ की और कहा कि उन्होंने विकास को राजनीति से अलग रखा है.

मोदी राज्य में निवेश के लिए प्रवासी भारतीयों से संपर्क करने की भरसक कोशिश करते रहे हैं. पर गुजरात दंगों में हुए मानवाधिकार उल्लंघन में उनकी कथित भूमिका के चलते वहां अब भी उनके विरोध में आवाज़े उठती रही हैं.

पिछले हफ्ते अमरीका में व्हार्टन इंडिया इकॉनोमिक फोरम में उनके अहम भाषण के विरोध में एक ऑनलाइन पेटिशन के सामने आने के बाद, रद्द कर दिया गया था.

तारीफों के पुल

रविवार के अपनी वेब कॉन्फ्रेंस में नरेन्द्र मोदी ने कहा कि, “गुजरात के लोग यह समझते हैं कि सभी समस्याओं का समाधान विकास के ज़रिये ही हो सकता है. हमारे पास बड़ी युवा शक्ति है और इसका इस्तेमाल कर विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहिए.”

उन्होंने अपने राज्य में आने के लिए प्रवासी भारतीयों को न्योता देते हुए कहा कि मंदी के दौर में भी गुजरात में विकास की रफ़्तार नहीं थमी और पूरी दुनिया गुजरात के विकास को देख रही है.

उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में पूरी दुनिया की निगाहें भारत पर टिकीं हैं.

हाल के दिनों में आगामी लोकसभा चुनाव में देश के सबसे बड़े विपक्षी दल, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के प्रमुख उम्मीदवार के तौर पर उनका नाम काफी चर्चा में रहा है.

हमेशा केंद्र सरकार को निशाने पर लेने वाले मोदी ने कोई कड़ा रुख नहीं दिखाया. सरकार के 'कौशल विकास कार्यक्रम' से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार का बजट महज 1000 करोड़ रुपये है जबकि गुजरात जैसे छोटे राज्य का बजट 800 करोड़ रुपये है.

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